झुंझुनूं नगर परिषद चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन भाजपा और कांग्रेस ने अभी तक अपने अधिकृत प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है। 60 वार्डों वाली नगर परिषद में टिकटों को लेकर दोनों दलों में अंतिम दौर का मंथन चल रहा है। जिला संगठन, वरिष्ठ नेताओं और स्थानीय स्तर से मिले फीडबैक के आधार पर उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम सहमति बनाई जा रही है। सूत्रों के अनुसार दोनों दल रविवार तक अपनी पहली सूची जारी कर सकते हैं। कुछ वार्डों के अधिकृत प्रत्याशियों की सूची सीधे एसडीएम कार्यालय भेजे जाने की भी संभावना है। जिन वार्डों में दावेदारों को लेकर विवाद नहीं है और संगठन एकमत है, वहां पहले उम्मीदवार घोषित किए जाएंगे। वहीं, जिन वार्डों में कई मजबूत दावेदार हैं या स्थानीय स्तर पर सहमति नहीं बन रही है, वहां फैसला बाद में लिया जा सकता है। कांग्रेस में संभावित उम्मीदवारों को फोन किया पार्टी सूत्रों के अनुसार, जिन वार्डों में प्रत्याशियों के नाम लगभग तय हो चुके हैं, वहां संभावित उम्मीदवारों को संगठन की ओर से फोन कर तैयारियां शुरू करने के संकेत दिए जा रहे हैं। हालांकि अधिकृत सूची जारी होने तक गोपनीयता बनाए रखने को कहा गया है। कुछ वार्डों में अंतिम समय तक नाम सार्वजनिक नहीं करने की रणनीति अपनाई जा सकती है। ऐसे में पार्टी का अधिकृत चुनाव चिन्ह (सिंबल) सीधे एसडीएम कार्यालय भेजा जा सकता है। दावेदार लगातार कर रहे संपर्क नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी बड़ी संख्या में दावेदार पार्टी के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। संभावित उम्मीदवार पार्टी कार्यालयों के चक्कर लगाने के साथ वरिष्ठ नेताओं से संपर्क बनाए हुए हैं। समर्थकों के साथ बैठकें और शक्ति प्रदर्शन भी जारी है। बगावत रोकना दोनों दलों के लिए चुनौती टिकट वितरण के बाद संभावित असंतोष और बगावत को रोकना भाजपा और कांग्रेस के सामने बड़ी चुनौती है। दोनों दल वार्डों के सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन कर रहे हैं। दोनों दलों का जोर ऐसे चेहरों पर है, जिनकी वार्ड में मजबूत पकड़ और सक्रिय जनसंपर्क हो। संगठन की रिपोर्ट, वरिष्ठ नेताओं की राय और स्थानीय समीकरणों के आधार पर उम्मीदवारों की अंतिम सूची तैयार की जा रही है। कांग्रेस ने नवलगढ़ से की शुरुआत जिले में कांग्रेस ने सबसे पहले नवलगढ़ नगर पालिका के लिए प्रत्याशियों की सूची जारी की है। अब झुंझुनूं नगर परिषद की सूची का इंतजार है। वहीं भाजपा भी अपनी पहली सूची को अंतिम रूप देने में जुटी है। कल तक तस्वीर साफ होने की उम्मीद हालांकि रविवार को जारी होने वाली पहली सूची के बाद नगर परिषद चुनाव की तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकती है। इसके बाद टिकट से वंचित दावेदारों का रुख और दोनों दलों की संगठनात्मक एकजुटता चुनावी समीकरण तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।