करौली में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर प्रसिद्ध मदनमोहनजी मंदिर में भगवान के जन्म से पहले ही उत्सव का माहौल बन गया। शाम को मंदिर परिसर बधाई गीतों से गूंज उठा। रियासतकालीन परंपरा के तहत चौधरी परिवार की ओर से भगवान मदन मोहन के लिए पोशाक लाई गई। परिवार पिछले 187 साल से जन्माष्टमी पर भगवान को पोशाक अर्पित करता आ रहा है। इस बार परिवार की सातवीं पीढ़ी ने यह पोशाक भगवान को अर्पित की। इस दौरान परंपरागत ढांड़ा-ढांड़ी नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। नन्द बाबा का दरबार सजा, पूर्व गुसाईं ने निभाई भूमिका मंदिर में नन्द बाबा का दरबार सजाया गया। इसमें मंदिर के पूर्व गुसाईं प्रदीप किशोर गोस्वामी ने नन्द बाबा की भूमिका निभाई। उन्होंने भगवान मदन मोहन की पोशाक की अगवानी की। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच बधाई गीत और भजन गूंजते रहे। भजनों पर झूमे श्रद्धालु, ढांड़ा-ढांड़ी बना आकर्षण भजनों के बीच हुए ढांड़ा-ढांड़ी नृत्य ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। नृत्य के दौरान नन्द बाबा को कान्हा के जन्म की बधाई दी गई। लल्ला यानी भगवान कृष्ण के जन्म से पहले होने वाला यह आयोजन करौली की विशिष्ट धार्मिक परंपराओं में शामिल है, जिसमें भक्ति और उल्लास का अनोखा संगम देखने को मिलता है। 187 साल से निभा रहा चौधरी परिवार परंपरा बृज से जुड़े और 'लघु वृन्दावन' के रूप में पहचान रखने वाले करौली में जन्माष्टमी के दौरान मदनमोहनजी मंदिर की परंपराओं का विशेष महत्व है। रियासतकाल से चली आ रही परंपरा के तहत चौधरी परिवार भगवान मदन मोहन के लिए जन्माष्टमी पर पोशाक लेकर आता है। इस बार परिवार की सातवीं पीढ़ी ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया। शनिवार को होगा नन्दोत्सव, बांटी जाएगी छाक मदनमोहनजी मंदिर में कृष्ण जन्म की खुशियों में शनिवार को नन्दोत्सव मनाया जाएगा। सुबह राजभोग आरती के समय होने वाले इस आयोजन में पूर्व राजपरिवार की ओर से कृष्ण जन्म पर बधाई के रूप में छाक (प्रसादी) बांटी जाएगी।