करौली पुलिस ने अपनी कार्यप्रणाली में स्मार्ट पुलिसिंग के सिद्धांतों को लागू करने की पहल की है। इसके तहत अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता, जवाबदेही और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। पुलिस-जन संवाद को भी मजबूत किया जाएगा। पुलिसकर्मियों और आमजन को स्मार्ट पुलिसिंग के सिद्धांतों के बारे में जागरूक करने के लिए एक पोस्टर का विमोचन किया गया। इस पोस्टर में स्मार्ट पुलिसिंग के सिद्धांत और उनके अर्थ बताए गए हैं। इसका विमोचन पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकुमार कस्वां और उप अधीक्षक पुलिस किशोर भदौरिया ने किया। पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल ने बताया कि करौली पुलिस व्यवस्था में नागरिक-केंद्रित स्मार्ट पुलिसिंग के सिद्धांतों को लागू किया जा रहा है। इन सिद्धांतों को पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो और गृह मंत्रालय ने तय किया है। स्मार्ट पुलिसिंग में हर अक्षर का एक खास मतलब है। 'एस' का मतलब सख्त, संवेदनशील और रणनीतिक पुलिसिंग है। 'एम' का मतलब आधुनिक, मोबाइल और सूक्ष्म पुलिसिंग है। 'ए' का मतलब सतर्क, जवाबदेह और हालात के अनुसार ढलने वाली पुलिसिंग है। 'आर' का मतलब विश्वसनीय, तुरंत जवाब देने वाली और मुश्किल हालात में सक्षम पुलिसिंग है। 'टी' का मतलब तकनीक में माहिर, प्रशिक्षित और पारदर्शी पुलिसिंग है। पुलिस का मुख्य ध्यान अपराध नियंत्रण के साथ-साथ आधुनिक तकनीक और डेटा आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा देने पर रहेगा। इससे पुलिस सेवाओं को और प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि वे आमजन के लिए ज्यादा सुविधाजनक हों। करौली पुलिस कई और क्षेत्रों में भी काम कर रही है। इनमें साइबर अपराध के प्रति जागरूकता, महिला और बाल सुरक्षा, शिकायतों का जल्द निपटारा, सामुदायिक पुलिसिंग, बीट व्यवस्था और पुलिस-जन संवाद को मजबूत करना शामिल है।