कोटा में कृष्ण जन्मोत्व पर देर रात मंदिरों में अलग-अलग झांकियां सजाई गई। बच्चे राधा-कृष्ण के रूप में नजर आए। भव्य मटकी फोड़ प्रतियोगिता में युवाओं ने बड़-चढ़कर हिस्सा लिया। मंदिरों में लड्डू-गोपाल को झूला-झुलाया गया। रात 12 बजे विशेष पूजा-अर्चना की गई। श्रीकृष्ण की लीलाओं का चित्रण भी किया गया। बोरखेड़ा के देवली अरब रोड पर श्री कृष्ण नवयुवक मंडल की ओर से भव्य मटकी फोड़ प्रतियोगिता आयोजित की गई। 21 फीट की ऊंचाई पर मटकी बांधी गई थी, जिसे फोड़ने के लिए हजारों की संख्या में युवा पहुंचे। मटकी फोड़ने वाली टीम के लिए 11 हजार रुपए का इनाम रखा गया था। देखिए श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के PHOTOS… मटकी फोड़ प्रतियोगिता में युवाओं की कई टोलियों ने मानव पिरामिड बनाकर मटकी तक पहुंचने की कोशिश की। कई बार पिरामिड बनते ही टोली नीचे गिर गई, जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर युवाओं का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम रात करीब 12:30 बजे तक चला। जवाहर नगर के राधा-कृष्ण मंदिर और मथुराजी मंदिर में भी देर रात तक कृष्ण जन्मोत्सव के कार्यक्रम हुए। डीसीएम फैक्ट्री परिसर में कोरोना के बाद इस बार फिर भव्य झांकियां सजाई गईं, जिन्हें देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। 60 साल पुराने मंदिर में भी सजी श्रीकृष्ण की झांकियां गीता भवन करीब 60 साल पुराना मंदिर है, जहां पिछले 45 सालों से भगवान श्रीकृष्ण की झांकियां सजाई जा रही हैं। यहां जन्माष्टमी के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। आज सुबह से भी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दे रही है। महिलाएं और भक्त ठाकुरजी के दर्शन करने और उन्हें झूला झुलाने पहुंच रहे हैं। इस्कॉन टेंपल सहित शहर के कई मंदिरों में आज भी विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। वहीं स्कूलों में भी जन्माष्टमी का उत्साह देखने को मिला।