कोटा में नगर-निगम चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। एक तरफ नामांकर प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है, वहीं प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस की ओर से आधिकारिक प्रत्याशियों की सूची जारी न करने से सस्पेंस बढ़ गया है। आज रविवार की छुट्टी के चलते नामांकन नहीं हो रहे हैं। ऐसे में कल कलेक्ट्रेट व संबंधित नामांकन सेंटरों पर प्रत्याशियों के एक साथ पहुंचने से गहमागहमी के आसार हैं। वहीं टिकिटों को लेकर कांग्रेस में खींचतान चरम पर है। इधर, वार्ड 19 से बीजेपी से दावेदारी कर रहे राकेश सुमन पुटरा का दावा है कि उनके पास पार्टी की तरफ से सिग्नल मिल चुका है। जिसके बाद कुन्हाड़ी पेट्रोल पंप के सामने बाबा रामदेव के भण्डारे में राकेश पुटरा समर्थकों के साथ कच्ची घोड़ी नृत्य करने लगे। इसके साथ ही बाबा रामदेव जी के जाने वाले जातरूओं को स्वागत करके रवाना किया। वार्ड-73 में विरोध शुरू अभी टिकट फाइनल नहीं हुए हैं लेकिन कयासों के आधार पर वार्डों में विरोध शुरू होने लग गया है। वार्ड 73 में कांग्रेस की तरफ से जिस प्रत्याशी का नाम चल रहा है उसका वार्ड के लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। वार्ड के लोगों का कहना है कि अगर हमारे उम्मीदवार को टिकट नहीं मिलता है तो हम निर्दलीय चुनाव लडवाएंगे और कांग्रेस का विरोध करेंगे। बगावत की आशंका के चलते नहीं जारी की लिस्ट पार्टी में संभावित टिकट कटने की आशंका के चलते दावेदारों का विरोध खुलकर सामने आने लगा है। डर इस बात का है कि अगर किसी दल ने पहले सूची सार्वजनिक कर दी, तो टिकट से वंचित असंतुष्ट कार्यकर्ता या तो बागी होकर निर्दलीय मैदान में उतर जाएंगे या फिर विरोधी दल का दामन थाम लेंगे। यही वजह है कि सूची पर पर्दा रखकर अंतिम क्षणों में प्रत्याशियों को मैदान में उतारने का खेल चल रहा है। जयपुर में चल रही जिलाध्यक्षों के साथ कांग्रेस की बैठक प्रत्याशियों की सूची को अंतिम रूप देने के लिए रविवार को जयपुर में प्रदेश स्तरीय नेताओं की अहम बैठक आयोजित की गई है। इस मंथन प्रक्रिया में भाग लेने के लिए कोटा के जिलाध्यक्ष राखी गौतम और देहात अध्यक्ष भानुप्रताप भी जयपुर में ही मौजूद हैं। आधिकारिक सूची जारी न होने के बावजूद, कांग्रेस के कई दावेदारों ने आलाकमान से मिली हरी झंडी या भरोसे के आधार पर स्वविवेक से नामांकन दाखिल करना शुरू कर दिया है। पार्टी के अंदर कई वार्डों में अंदरूनी जोड़-तोड़ को लेकर कार्यकर्ताओं का विरोध तेज होता जा रहा है। बीजेपी की 'फोन कॉल रणनीति',भरवाए जा रहे नामांकन दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने बगावत और भीतरघात से बचने के लिए एक अलग रणनीति अपनाई है। पार्टी आधिकारिक रूप से कोई सार्वजनिक सूची जारी करने से बच रही है। इसके बजाय चुनिंदा और तय प्रत्याशियों को फोन पर व्यक्तिगत रूप से जानकारी दी जा रही है। जिन्हें फोन पर हरी झंडी मिल चुकी है, वे प्रत्याशी अपने दस्तावेज और नामांकन पत्र तैयार करने में जुट गए हैं। नामांकन के लिए अब बहुत कम समय बचा है। रविवार के ब्रेक के बाद सोमवार को जब नामांकन प्रक्रिया दोबारा शुरू होगी, तो दोनों ही दलों के साथ-साथ निर्दलीय प्रत्याशी भी भारी लवाजमे के साथ पर्चा दाखिल करने पहुंचेंगे। आपके पास निकाय चुनाव से संबंधित कोई भी जानकारी हो तो हमें 8852001601 पर संपर्क कर सकते हैं