न्याय विभाग के प्रदेशव्यापी फ्लैगशिप कार्यक्रम ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूस्डे’ के तहत जिले के स्कूलों में न्यायिक अधिकारियों द्वारा विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान विद्यार्थियों को ‘अजनबी से सावधान- मना करो, दूर जाओ, बताओ (स्ट्रेंजर डेंजर-नो, गो, टैल)’ विषय पर बाल सुरक्षा एवं कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई। अनजान लोगों से दूरी मुख्य कार्यक्रम पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय में आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष केशव कौशिक ने स्टूडेंट्स को अजनबियों से सावधान रहने तथा किसी अनजान व्यक्ति द्वारा परिचित होने का दावा करने, चॉकलेट, पैसे या उपहार का लालच देने अथवा कहीं साथ चलने के लिए कहने जैसी परिस्थितियों में सतर्क रहने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि असुरक्षित स्थिति में बच्चों को स्पष्ट रूप से ‘नहीं’ कहना, वहां से हटकर सुरक्षित स्थान पर जाना और माता-पिता, शिक्षक अथवा किसी विश्वसनीय व्यक्ति को तुरंत बताना चाहिए। उन्होंने बच्चों को बाल श्रम, जबरन भीख मंगवाने, बाल तस्करी, फिरौती एवं अन्य प्रकार के शोषण से बचाव के बारे में भी जागरूक किया। सोशल मीडिया पर रहें सावधान न्यायाधीश ने स्टूडेंट्स को सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग और मैसेजिंग एप के माध्यम से होने वाली संदिग्ध ऑनलाइन दोस्ती से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन पहचान हमेशा वास्तविक नहीं होती, इसलिए किसी अनजान ऑनलाइन व्यक्ति से अकेले मिलने से बचना चाहिए। हेल्पलाइन पर करें शिकायत कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, आपातकालीन सहायता 112, पुलिस सहायता 100, महिला हेल्पलाइन 181, साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन 1930 तथा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण हेल्पलाइन 15100 की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को विद्यालय में स्थापित ‘कोर्ट वाली दीदी’ सुझाव एवं शिकायत पेटिका के माध्यम से अपनी शिकायत या समस्या गोपनीय रूप से दर्ज कराने के लिए भी प्रेरित किया गया।