भास्कर न्यूज|बारां स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके उत्पादों को बड़ा बाजार दिलाने के लिए शनिवार को मिनी सचिवालय सभागार में सक्षम सखी योजना की समीक्षा बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर बालमुकुंद असावा ने की। उत्पादों के क्रय-विक्रय पर चर्चा हुई। राजीविका मार्ट के संचालन पर बात हुई। आगामी लोन मेले की तैयारियों पर निर्देश दिए गए। ग्रामश्री मार्ट और एसएचजी उत्पादों की ब्रांडिंग मजबूत करने के लिए प्रोफेशनल मार्केटिंग पर्सन नियुक्त करने के निर्देश दिए। उत्पादों की सप्लाई आसान करने के लिए छोटे लोडिंग वाहनों की खरीद का निर्णय लिया। समूह की इच्छुक महिलाओं को चालक के रूप में चिन्हित किया जाएगा। महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उद्यमियों की ओर से सप्लाई संस्था तक सामग्री पहुंचाने पर ट्रांसपोर्टेशन खर्च अलग से देय होगा। मिड डे मील में समूहों की सामग्री आपूर्ति पर संतोष जताया गया। आपूर्ति नियमित रखने के निर्देश दिए गए। शिक्षा विभाग को 15 सितंबर तक ब्लॉकवार मांग और आपूर्ति प्लान बनाने को कहा गया। खाद्य सामग्री की गुणवत्ता के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को 2-3 सदस्यों की निगरानी कमेटी बनाने के निर्देश दिए गए। नियमित सैंपलिंग होगी। जांच होगी। शाहबाद की स्वच्छ परियोजना को भी एसएचजी उत्पादों का उपयोग करने के लिए पाबंद किया गया। कृषि विज्ञान केन्द्र अंता में लगे सोयाबीन और लहसुन प्रसंस्करण प्लांट के पूरे उपयोग के लिए इच्छुक महिला समूहों और एफपीओ को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए। संचालन की जिम्मेदारी सौंपने को कहा गया। जिले में ऑर्गेनिक गेहूं उगाने वाले समूह सदस्यों की सूची बनाने के निर्देश दिए गए। इनके विपणन के लिए अलग प्लान बनाने को कहा गया। 2 अक्टूबर को जिले में वृहद स्तर पर एसएचजी लोन मेला कराने का लक्ष्य तय किया गया। अधिकारियों को समय पर सभी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजीव तोमर, जिला शिक्षा अधिकारी सीताराम गोयल, राजीविका और संबंधित विभागों के अधिकारी, ब्लॉक परियोजना प्रबंधक, स्वयं सहायता समूहों की प्रतिनिधि महिलाएं मौजूद रहीं।