जयपुर में मिस दीवा राजस्थान-2026 के ऑडिशन में रविवार को प्रदेशभर की युवतियों ने रैंप वॉक किया। साथ ही सवालों के जवाब देते हुए कॉन्फिडेंस भी दिखाया। जयपुर में आयोजित ऑडिशन में बीकानेर, जोधपुर सहित राजस्थान के अलग-अलग शहरों से प्रतिभागी पहुंचीं। किसी ने पहली बार बड़े मंच पर कदम रखा तो किसी ने मॉडलिंग अनुभव के साथ ऑडिशन में हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागियों में खुद को साबित करने और आगे बढ़ने का जोश नजर आया। राजस्थान की बेटियों को मॉडलिंग और फैशन की दुनिया में पहचान बनाने का मंच देने के उद्देश्य से यह ऑडिशन किए गए। ऑडिशन के दौरान प्रतिभागियों ने रैंप वॉक, इंट्रोडक्शन, इंटरव्यू और टैलेंट राउंड में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। डिजाइनर आउटफिट्स में रैंप पर उतरी युवतियों ने बॉडी लैंग्वेज, वॉकिंग स्टाइल और प्रेजेंटेशन के जरिए जजेज का ध्यान आकर्षित किया। इवेंट के फोटोज यहां देखिए… जजेज ने परखे कॉन्फिडेंस और कम्युनिकेशन स्किल्स ऑडिशन में निशा झंझरिया, रिद्धिमा सिंगल, कीर्ति शर्मा, कशिश शुक्ला और मैत्री शर्मा जूरी पैनल में शामिल रहीं। जजेज ने प्रतिभागियों से बातचीत करते हुए उनकी सोच, आत्मविश्वास और परिस्थितियों को समझने की क्षमता को परखा। सवाल-जवाब के दौरान प्रतिभागियों से उनकी व्यक्तिगत पसंद, मॉडलिंग में आने की वजह, भविष्य के लक्ष्य, राजस्थान की संस्कृति और समाज में महिलाओं की भूमिका से जुड़े सवाल पूछे गए। कुछ सवालों के जवाब में प्रतिभागियों को अपनी सोच और व्यक्तित्व खुलकर सामने रखने का मौका मिला। जजेज ने यह भी देखा कि प्रतिभागी अचानक पूछे गए सवालों का जवाब कितने आत्मविश्वास और सहजता से देती हैं। जूरी ने प्रतिभागियों की कम्युनिकेशन स्किल्स, पर्सनैलिटी, कॉन्फिडेंस, प्रेजेंटेशन, रैंप वॉक और ओवरऑल परफॉर्मेंस को मूल्यांकन का आधार बनाया। छोटे शहरों से बड़े सपनों के साथ पहुंचीं बेटियां मिस दीवा राजस्थान के ऑडिशन की खास बात यह रही कि इसमें केवल जयपुर की ही नहीं, बल्कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से युवतियां अपने सपनों के साथ पहुंचीं। बीकानेर, जोधपुर और अन्य शहरों से आई प्रतिभागियों ने ऑडिशन में हिस्सा लिया। कई प्रतिभागियों के लिए यह शहर से बाहर आकर मॉडलिंग के बड़े मंच पर खुद को प्रस्तुत करने का पहला अवसर था। इसके बावजूद उनके आत्मविश्वास में कोई कमी नहीं दिखाई दी। रैंप पर वॉक करते समय जहां प्रतिभागियों ने अपनी मॉडलिंग स्किल्स दिखाई। वहीं इंटरव्यू राउंड में अपनी सोच और व्यक्तित्व से जजेज को प्रभावित करने की कोशिश की। मॉडलिंग के साथ व्यक्तित्व विकास पर भी जोर ऑडिशन में यह भी देखने को मिला कि नई पीढ़ी की युवतियां मॉडलिंग को केवल ग्लैमर की दुनिया के रूप में नहीं देख रही हैं। प्रतिभागियों ने अपनी बातचीत में करियर, आत्मनिर्भरता, शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और अपनी पहचान बनाने से जुड़े विचार भी सामने रखे। आयोजकों का कहना है कि इस तरह के मंच युवतियों को कैमरे और दर्शकों के सामने खुद को प्रस्तुत करने के साथ-साथ अपने आत्मविश्वास और कम्युनिकेशन स्किल्स को मजबूत करने का अवसर देते हैं। प्रतिभाशाली युवतियों को मंच देना उद्देश्य आयोजक सुरेश प्रधान ने बताया- मिस दीवा राजस्थान का उद्देश्य राजस्थान की प्रतिभाशाली युवतियों को ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे अपने हुनर और आत्मविश्वास के साथ अपनी अलग पहचान बना सकें। उन्होंने कहा कि इस बार प्रदेश के अलग-अलग शहरों से आई प्रतिभागियों में खासा उत्साह देखने को मिला और उन्होंने प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा- राजस्थान के छोटे-बड़े शहरों में बड़ी संख्या में ऐसी प्रतिभाएं मौजूद हैं, जिन्हें सही मंच और मार्गदर्शन की जरूरत है। मिस दीवा राजस्थान के माध्यम से इन्हीं प्रतिभाओं को आगे लाने का प्रयास किया जा रहा है।