नगर परिषद चुनाव के लिए नामांकन के लास्ट दिन से एक दिन पहले रविवार को शहर में चुनावी माहौल पूरी तरह हावी रहा। भाजपा और कांग्रेस दोनों के कार्यालय पूरे दिन दावेदारों और उनके समर्थकों से भरे रहे। कोई अपने डॉक्यूमेंट्स पूरे कराने में लगा था तो कोई अंतिम बार पार्टी नेताओं से संपर्क साधकर अपनी दावेदारी मजबूत करने की कोशिश करता नजर आया। दिनभर दोनों दलों के कार्यालयों में आने-जाने वालों की आवाजाही बनी रही। चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दावेदार आवेदन पत्र लेकर पहुंचते रहे। पार्टी की ओर से बनाए गए हेल्प डेस्क पर जरूरी डॉक्यूमेंट्स और औपचारिकताओं की जांच कराई गई। लास्ट दिन से पहले की यह हलचल साफ बता रही है कि टिकट और नामांकन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां अब अपने सबसे अहम दौर में पहुंच चुकी हैं। नेताओं से मुलाकात और रणनीति पर रहा जोर रविवार को भाजपा और कांग्रेस कार्यालयों में सबसे ज्यादा चर्चा संभावित उम्मीदवारों और टिकट की स्थिति को लेकर रही। कई दावेदार अपने समर्थकों के साथ कार्यालय पहुंचे और पार्टी नेताओं से मुलाकात कर अपनी दावेदारी को लेकर बातचीत करते रहे। हेल्प डेस्क पर आवेदन पत्रों की जांच, जरूरी दस्तावेजों की पड़ताल और नामांकन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी दी जाती रही, ताकि अंतिम समय में किसी तरह की तकनीकी कमी नहीं रह जाए। कई वार्डों में एक से ज्यादा दावेदार होने के कारण राजनीतिक चर्चा भी तेज रही। समर्थकों के बीच टिकट मिलने और नहीं मिलने की संभावनाओं को लेकर अलग-अलग तरह के अनुमान लगाए जाते रहे। दोनों दलों के नेता भी लगातार दावेदारों से संपर्क में रहे और अंतिम दिन की रणनीति पर चर्चा करते दिखाई दिए। कार्यालयों से निकलकर चौराहों तक पहुंची चुनावी चर्चा चुनावी हलचल सिर्फ पार्टी कार्यालयों तक सीमित नहीं रही। शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों, चाय की दुकानों और सार्वजनिक स्थानों पर भी पूरे दिन नगर परिषद चुनाव की चर्चा होती रही। लोग अलग-अलग वार्डों में संभावित उम्मीदवारों, टिकट के समीकरण और चुनावी मुकाबले को लेकर अपने-अपने अनुमान लगाते नजर आए। अब सभी की नजर सोमवार पर है। नामांकन दाखिल करने का यह आखिरी दिन होगा। निर्धारित समय के अनुसार सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक उम्मीदवार अपने नामांकन दाखिल कर सकेंगे। इसके साथ ही यह भी साफ हो जाएगा कि किस वार्ड से कौन मैदान में उतरेगा और किन वार्डों में मुकाबला रोचक होने वाला है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव प्रचार और राजनीतिक गतिविधियां भी और तेज होने की संभावना है।