कोटपूतली-बहरोड़ के नीमराना में सरकारी स्कूल में सिलेंडर में आग लग गई। स्कूल में रंग रोगन का काम चल रहा था और बरामदे में खाना बन रहा था। इस दौरान सिलेंडर में लीकेज हो गया, आग भड़क गई। शोर मचते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे, सरिये से सिलेंडर को घसीटते ले गए और 100 मीटर दूर तालाब में डाल दिया। घटना नीमराना उपखंड के गुगलकोटा के राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक स्कूल में मंगलवार सवेरे करीब 9 बजे की है। घटना के समय स्कूल में करीब 62 स्टूडेंट्स थे। सभी को तुरंत स्कूल से बाहर निकाला गया। पहले देखें घटना से जुड़ी तस्वीरें… अब सिलसिलेवार पढ़ें घटनाक्रम हेड मास्टर कविता गुप्ता ने बताया- स्कूल में रंग रोगन का काम चल रहा है, जिसके कारण स्कूल के बरामदे में दो चूल्हे पर मिड-डे-मील खाना बनाया जा रहा था। एक चूल्हे का सिलेंडर खत्म हो गया, जिसके बाद नया सिलेंडर लगाया। मिड-डे-मील बनाते समय लगी आग नए सिलेंडर को लगाते ही कुछ देर बाद गैस लीक होने लगी, देखते ही देखते सिलेंडर ने आग पकड़ ली। तेज लपटें उठने लगी तो पोषाहार बना रही धन्नो देवी चिल्लाई। तेज आवाज सुनकर स्कूल स्टाफ मौके पर पहुंचा। गीले कपड़े से आग बुझाने की कोशिश की गई, लेकिन लपटें उठती ही जा रही थी। घटना के समय स्कूल में 62 बच्चे पढ़ाई कर रहे थे, जिन्हें स्कूल से सुरक्षित बाहर निकाला गया। पहले स्टाफ ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया। जब ज्यादा शोर-शराबा हुआ तो मौके पर ग्रामीण आ गए। ग्रामीण संदीप सिंह चौहान ने बताया- स्कूल के सामने से गुजर रहा था, अंदर से चिल्लाने की आवाज आई तो अंदर जाकर देखा। बड़ी संख्या में लोग इकट्ठे हो रखे थे और आग की लपटें दिखाई दी। सभी लोग गीले कपड़ों से आग बुझाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कामयाबी नहीं मिल पाई। इसके बाद एक बार तो सिलेंडर को वहीं छोड़कर बाहर चले गए। कुछ समय बाद संदीप सिंह एक बड़ा सरिया लेकर मौके पर पहुंचे। सिलेंडर के ऊपर सरिया फंसाकर उसे घसीटते हुए स्कूल से बाहर निकाला। करीब 100 मीटर दूर तक सिलेंडर को घसीटते हुए ले गए और पास के जोहड़ (तालाब) में डाल दिया। तालाब में गिरने के बाद भी सिलेंडर से लपटें निकल रही थी।