निम्बी जोधा पुलिस ने ग्राम लुकास में हुई बड़ी नकबजनी का खुलासा करते हुए चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने 10 दिनों तक 24 घंटे खास अभियान चलाया। इस दौरान 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का तकनीकी विश्लेषण किया गया। साथ ही फील्ड इंटेलिजेंस और मुखबिरों से भी मदद ली गई। पुलिस के अनुसार 22 अगस्त की रात करीब 2 से 4 बजे के बीच लुकास निवासी गोपालराम के मकान में चोर सफेद स्कॉर्पियो से पहुंचे थे। उन्होंने मकान के पीछे लगी खिड़कियों की लोहे की ग्रिल तोड़ी और अंदर घुस गए। चोर करीब 4-5 क्विंटल वजनी लोहे की तिजोरी उठा ले गए। इस तिजोरी में करीब 3.50 लाख रुपए नकद, 15 भर सोने के गहने, करीब एक किलो चांदी के गहने और वाहन की नई चाबी रखी हुई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारे लाल शिवरान ने तुरंत घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने एफएसएल और एमओबी टीम से वैज्ञानिक सबूत जुटाए। इसके बाद लाडनूं के वृत्ताधिकारी जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में खास पुलिस टीमें बनाई गईं। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से लेकर संभावित रूट, टोल प्लाजा, होटल, ढाबों और सार्वजनिक जगहों पर लगे 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी सबूतों से आरोपियों का रास्ता पता चला। आरोपी सीकर जिले के खंडेला, उदयपुरवाटी, नीमकाथाना, झुंझुनूं के मंडावा, बबाई, खेतड़ी होते हुए हरियाणा के नारनौल, महेंद्रगढ़ और नूंह तथा अलवर के मेवात क्षेत्र तक पहुंचे थे। पुलिस ने इन इलाकों में लगातार दबिश दी। नीमकाथाना के मुश्किल माइनिंग इलाके में ड्रोन की मदद से भी आरोपियों के संभावित ठिकानों की तलाश की गई। पुलिस ने चंद्रपाल उर्फ सीपी (29), मुकेश मीणा उर्फ डेढ़ पुटिया (42), नरेश उर्फ दिनेश मीणा (32) और गौरव डोरिया उर्फ जागा (29) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी पहले भी चोरी, नकबजनी, लूट, डकैती, धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट जैसे कई मामलों में शामिल रहे हैं। आरोपियों ने वारदात से पहले और बाद में मोबाइल फोन बंद कर दिए तथा बार-बार ठिकाने बदलकर पहचान छिपाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने तकनीकी एवं मानवीय आसूचना के समन्वय से उनकी गतिविधियों को लगातार ट्रेस किया। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से चोरी की गई तिजोरी व माल, वारदात में प्रयुक्त वाहन, अन्य सामान की बरामदगी और अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ की जाएगी। कार्रवाई में लाडनूं, जसवंतगढ़, निम्बी जोधा, चितावा पुलिस, डीएसटी, विभिन्न पुलिस चौकियों और साइबर सेल की टीमों का विशेष योगदान रहा।