प्रतापगढ़ में शिक्षक दिवस पर पीपलखूंट पंचायत समिति की जैथेलिया ग्राम पंचायत में एक कार्यक्रम हुआ। यहां राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में बाल विवाह रोकने के लिए काम कर रहे शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम को गायत्री सेवा संस्थान, उदयपुर ने आयोजित किया था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बाल अधिकार विशेषज्ञ और राजस्थान बाल आयोग के पूर्व सदस्य डॉ. शैलेन्द्र पंड्या थे। बाल विवाह रोकने के लिए शिक्षकों की भूमिका अहम उन्होंने कहा- भारत से उठी बाल विवाह रोकने की आवाज अब पूरी दुनिया का संकल्प बन गई है। संयुक्त राष्ट्र ने 27 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित कर भारत के प्रयासों को वैश्विक पहचान दी है। डॉ. पंड्या ने जोर दिया कि बाल विवाह को जड़ से खत्म करने में शिक्षकों की भूमिका बहुत अहम है। उन्होंने कहा कि जब तक किसी गांव का एक भी बच्चा बाल विवाह के खतरे में है, तब तक यह अभियान अधूरा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य सुरेश चंद्र सैनी ने की। उन्होंने बाल विवाह से होने वाले नुकसान बताए और जनजाति क्षेत्र में इसे रोकने के प्रयासों की तारीफ की। संस्थान के जिला समन्वयक रामचन्द्र मेघवाल ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) की पहल पर यह प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र महासभा में रखा गया था। सिएरा लियोन समेत करीब 50 देशों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया था, जिसे 4 सितंबर को मंजूरी मिली। जेआरसी अपने सहयोगी संगठनों के साथ देशभर में बाल विवाह रोकने के लिए अभियान चला रहा है।