रणथंभौर स्थित प्रसिद्ध श्री त्रिनेत्र गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी मेले को लेकर जिला प्रशासन, वन विभाग और मंदिर ट्रस्ट ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए इस बार पेयजल, छाया और दर्शन व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। प्रशासन पूरा प्रयास कर रही है कि मेले में आए श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं हो, वे सुरक्षित तरीके से गणेशजी के दर्शन कर सकें। मरम्मत का काम जारी मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगाए जाने वाले अस्थाई स्ट्रक्चर का भी निरीक्षण किया जा रहा है। जो स्ट्रक्चर जर्जर या क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, उनकी मरम्मत कराई जाएगी। जरूरत के अनुसार पुराने स्ट्रक्चर को हटाकर नए, मजबूत और सुरक्षित अस्थाई स्ट्रक्चर तैयार किए जाएंगे। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं की भीड़ के दौरान किसी भी तरह की दुर्घटना की आशंका को कम करना है। बारिश में श्रद्धालुओं को परेशानी हुई थी गौरतलब है कि पूर्व में गणेश चतुर्थी मेले के दौरान बारिश के चलते श्रद्धालुओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। बारिश के कारण रास्तों और अस्थाई व्यवस्थाओं पर भी असर पड़ा था। वहीं कुछ अस्थाई स्ट्रक्चर लंबे समय से इस्तेमाल होने के कारण जर्जर हो चुके हैं। ऐसे में इनके कारण हादसे की आशंका भी बनी रहती है। इस बार प्रशासन इन कमियों को पहले ही दूर करने में जुटा है। पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था के साथ श्रद्धालुओं के लिए छाया की व्यवस्था और दर्शन के लिए भीड़ प्रबंधन को बेहतर किया जाएगा। मेले में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन, वन विभाग और ट्रस्ट मिलकर कर रहे तैयारी गणेश चतुर्थी मेले की व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन के साथ वन विभाग और श्री त्रिनेत्र गणेश मंदिर ट्रस्ट भी सक्रिय है। सभी विभागों के समन्वय से मेला क्षेत्र में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है। इस बार मुख्य जोर सुरक्षित और सुगम दर्शन पर है, ताकि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के बावजूद उन्हें किसी तरह की असुविधा न हो। प्रशासन की ओर से मेले से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर कमियों को दूर करने की तैयारी है। जर्जर अस्थाई स्ट्रक्चर की मरम्मत, नए सुरक्षित स्ट्रक्चर तैयार करने और श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।