देश के चार प्रमुख पीठों में से एक द्वारका-शारदा पीठ के पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी सदानन्द सरस्वती जी महाराज का चतुर्मास रेवदर के नंदगांव में चल रहा है। सोमवार को पीठाधीश्वर का जन्मोत्सव और वर्धापन दिवस मनाया गया। इस दौरान देश के कई मुख्य संत, दंडी स्वामी मौजूद रहे। पीठाधीश्वर सदानन्द सरस्वती जी को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पत्र भेजकर जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दी। ‘विवेकचूडामणि’ के गुजराती अनुवाद का विमोचन समारोह में आदि शंकराचार्य द्वारा रचित अद्वैत वेदान्त ग्रथ ‘विवेकचूडामणि’ के गुजराती अनुवाद का विमोचन किया गया। संस्कृत के मूल ग्रंथ और हिन्दी रूपांतरण पूर्व में ब्रह्मचारी श्री निर्विकल्प स्वरूप जी ने तैयार किया था, जबकि इसका गुजराती अनुवाद गुजरात के गौतम पटेल ने किया है। देश के कई बड़े संत रहे मौजूद समारोह में दंडी स्वामी दामोदरानन्द आश्रम, गोपालानन्द तीर्थ, सिद्धानन्द आश्रम, राघवानन्द तीर्थ, तीर्थानन्द ब्रह्मचारी, ब्रह्मचारी सहजानंद सहित अनेक संत-महात्मा उपस्थित रहे। जूना अखाड़ा से संबंधित स्वामी थानापति रविन्द्रानन्द ने भी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। काशी से मीमांसा दर्शन के विद्वान आचार्य कमलाकान्त त्रिपाठी, परमेश्वर दत्त शुक्ल तथा द्वारका से महामहोपाध्याय जयप्रकाश नारायण द्विवेदी की उपस्थिति रही। गुजरात सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुनभाई मोढवाडिया, राज्यसभा सांसद बाबूभाई देसाई,मध्यप्रदेश के केवलारी विधायक एवं कांग्रेस महासचिव रजनीश सिंह भी उपस्थित रहे।