बड़ानयागांव से श्री सांवरिया सेठ मंदिर, अशोक नगर के लिए आयोजित विशाल पदयात्रा अपार जनसैलाब के साथ सांवरिया सेठ धाम पहुंची। पदयात्रा का मार्ग में जगह-जगह धर्मप्रेमियों द्वारा पुष्प वर्षा कर जोरदार स्वागत किया गया। महाआरती के बाद रवाना हुए श्रद्धालु यात्रा की शुरुआत भेरुजी के बाग में महाआरती के साथ हुई, जिसके बाद सैकड़ों ग्रामीण सांवरिया सेठ के जयकारे लगाते हुए हाथ में ध्वज-पताकाएं लेकर रवाना हुए। भेरुजी मंदिर परिसर के बाहर स्थानीय ग्रामीणों ने पदयात्रियों को केसरिया दुपट्टा पहनाकर और पुष्प वर्षा कर अगवानी की। इसके बाद यात्रा श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर पहुंची, जहां मंदिर समिति एवं सर्व समाज के बंधुओं ने स्वागत किया। यहां से यह यात्रा विशाल रूप धारण कर हजारों श्रद्धालुओं के समागम में बदल गई। स्थान-स्थान पर जेसीबी से पुष्प वर्षा और शीतल पेय कंकाली माता मंदिर, सहकारी समिति, महात्मा गांधी विद्यालय और आठवां मिल चौराहे पर समाजसेवियों एवं सांवरिया भक्तों ने जेसीबी से पुष्प वर्षा की और पदयात्रियों को शीतल पेय पिलाकर स्वागत किया। इसके बाद यात्रा नेशनल हाईवे और चमन चौराहा होते हुए अशोक नगर मुख्य बाजार पहुंची, जहां व्यापारियों ने पदयात्रा पर फूल बरसाए। नेशनल हाईवे और मुख्य मार्गों पर भीड़ को देखते हुए हिंडोली थाने के यातायात प्रभारी गौरीशंकर ने पुलिस टीम के साथ कमान संभाली और एकतरफा यातायात व्यवस्था लागू कर आवागमन सुचारु रखा। घोड़ी नृत्य और महाआरती के साथ समापन मेज नदी चौराहे से रघुनाथपुरा होते हुए यात्रा मंदिर परिसर पहुंची। मंदिर के बाहर घोड़ी नृत्य कलाकार जगदीश गुर्जर की घोड़ियों (लक्ष्मी व सोनिया) ने डीजे की धुन पर शानदार नृत्य प्रस्तुत किया। यात्रा में पांच डीजे सांवरिया सेठ के भजनों की गूंज से माहौल को धर्ममय बनाते रहे। मंदिर में महाआरती के बाद विशाल भंडारे व प्रसाद का वितरण हुआ। पदयात्री जमनालाल सैनी का पूजन कर खाटू श्याम जी (सीकर) की अगली यात्रा के लिए प्रस्थान कराया गया। प्रशासन से भूमि आवंटन की मांग मंदिर समिति के अध्यक्ष दुर्गा शंकर मंत्री ने बताया कि मूर्ति स्थापना के बाद से अब तक लाखों श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने भक्तों की सुविधा के लिए तहसील प्रशासन से धर्मशाला, विश्रामस्थल और पार्किंग के लिए स्थान आवंटित करने की मांग की।