सवाई मानसिंह अस्पताल ने चिकित्सा जगत में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल के लिवर ट्रांसप्लांट सर्जरी और एनेस्थीसिया विभाग की संयुक्त टीम ने प्रदेश के सरकारी क्षेत्र में पहला सफल पीडियाट्रिक (बाल) लिवर ट्रांसप्लांट कर 14 वर्षीय किशोर को नया जीवन दिया है। ट्रांसप्लांट के बाद मरीज की स्थिति स्थिर है और वह चिकित्सकों की निगरानी में तेजी से रिकवर कर रहा है। इस जटिल सर्जरी के लिए जोधपुर में ब्रेन डेड घोषित 9 वर्षीय बालिका के परिजनों ने अंगदान किया। लिवर को बिना किसी देरी के जयपुर पहुंचाने के लिए जोधपुर से एसएमएस अस्पताल तक विशेष ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। अस्पताल पहुंचते ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने समय रहते इस संवेदनशील सर्जरी को अंजाम दिया। इन विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम रही शामिल सर्जरी को सफल बनाने में लिवर ट्रांसप्लांट टीम से डॉ. दिनेश भारती, डॉ. आशुतोष पंचोली, डॉ. मीनू, डॉ. अनु, डॉ. नरेश तथा सर्जरी टीम से डॉ. सृष्टि, डॉ. नितिन और एचओडी डॉ. ऋचा जैन शामिल रहीं। वहीं एनेस्थीसिया टीम से डॉ. ममता शर्मा, डॉ. महीपाल, डॉ. योगेश मोदी और डॉ. संजय मोरवाल ने अहम भूमिका निभाई। एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी ने इसे प्रदेश के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र का बड़ा मील का पत्थर बताते हुए चिकित्सकीय टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस सफलता से राज्य के गरीब व जरूरतमंद बच्चों को सरकारी अस्पताल में ही अत्याधुनिक व जटिल अंग प्रत्यारोपण की बेहतर सुविधाएं मिलने की नई राह खुली है।