चौथ का बरवाड़ा | चौथ का बरवाड़ा से बोरदा एवं अन्य गांवों को जाने वाला रास्ता पिछले तीन-चार दिनों से बंद होने के कारण हजारों लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन गांव में जाने के लिए सालों से सड़क खातेदारी भूमि से होकर निकल रही थी। जिसका मामला उच्च न्यायालय में चल रहा है तथा काश्तकार द्वारा इस सड़क को दोनों ओर से झाड़ लगाकर बंद कर दिया गया है। जिससे हजारों लोग परेशान हो गए हैं। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन देकर रास्ता खुलवाने की मांग की है, लेकिन अधिकारियों द्वारा अभी तक इस समस्या का समाधान नहीं किया गया है। चौथ का बरवाड़ा से बोरदा एवं अन्य गांव जाने के लिए करीब 10 किलोमीटर लंबी सार्वजनिक निर्माण विभाग की सड़क बनी हुई है। बोरदा गांव से पहले सड़क का कुछ हिस्सा खातेदारी भूमि से होकर निकलने के कारण करीब 15 सालों से यहां पर विवाद की स्थिति बनी हुई है। प्रशासनिक लापरवाही के चलते कभी भी इस समस्या के समाधान को लेकर गंभीर प्रयास सामने नहीं आए हैं। ना तो खातेदार की जमीन की अवाप्ति, मुआवजा या फिर वैकल्पिक सड़क की व्यवस्था का कोई कार्य आज तक नहीं हो पाया है। ऐसे में कई बार यहां पर विवाद की स्थिति पैदा हो गई। जैसे तैसे लोग खातेदारी भूमि के अंदर कच्ची सड़क से आ जा रहे थे, लेकिन पिछले कुछ दिनों से खातेदार ने सड़क को दोनों ओर से बंद कर दिया है। इस मामले को लेकर परेशान ग्रामीणों ने सरपंच विमल कुमार मीणा के साथ एसडीएम को ज्ञापन दिया। ^ गांव में जाने के दो रास्ते हैं। एक रास्ते पर जयपुर सवाई माधोपुर रेल मार्ग दोहरीकरण का कार्य चलने से रास्ता बंद है। दूसरा रास्ता खातेदारी भूमि से होकर जा रहा है। जिस पर खातेदार ने रास्ता बंद कर दिया है। खातेदार को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। अन्य व्यवस्थाओं को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है। -जितेंद्र कुमार, सहायक अभियंता