एनबीईएमएस ने मेल भेजा- 5 सितंबर को होगी दोबारा परीक्षा देशभर के मेडिकल कॉलेजों में पीजी कोर्सेज में प्रवेश के लिए रविवार को आयोजित नीट-पीजी 2026 परीक्षा के दौरान जयपुर में बड़ा तकनीकी व्यवधान सामने आया। सीतापुरा स्थित आईओएन डिजिटल जोन (टीसीएस सेंटर) के दो केंद्रों पर बिजली आपूर्ति ठप होने से 2499 अभ्यर्थियों की ऑनलाइन परीक्षा अटक गई। सुबह 9 बजे परीक्षा शुरू होते ही कंप्यूटरों की बत्ती गुल हो गई और सर्वर डाउन हो गया। तकनीकी टीम ने डेढ़ घंटे तक सुधारने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान 13 बार पेपर रुका। स्क्रीन बार-बार बंद होने से केंद्रों पर अफरा-तफरी मच गई। अभ्यर्थी कक्ष छोड़कर निकल आए और हंगामा करने लगे। एडीएम नरेंद्र वर्मा व एडि. डीसीपी ललित शर्मा मौके पर पहुंचे। एडीएम (ईस्ट) नरेंद्र वर्मा ने बताया कि मामले की सूचना नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (एनबीईएमएस) को दी। इसके बाद दोनों केंद्रों की परीक्षा रद्द कर दी गई। अब 5 सितंबर को दोबारा परीक्षा होगी। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में गुरु घासीदास केंद्रीय वि.वि. स्थित केंद्र में पेपर शुरू होते ही 40 सिस्टम बंद हो गए। परीक्षा 1 घंटे बाधित रही। हंगामे के चलते पुलिस बुलानी पड़ी। सीतापुरा में टीसीएस में बने दो सेंटर पर गड़बड़ी अभ्यर्थी डॉ. रोशन शर्मा, डॉ. श्याम गुप्ता, डॉ. अभिषेक ने बताया 9 बजे परीक्षा शुरू होने पर दो प्रश्न ही स्क्रीन पर आए, तभी कंप्यूटर बंद हो गए। 15 मिनट बाद स्क्रीन पर 5 प्रश्न आए। कुछ ही देर में स्क्रीन बंद हो गई। डेढ़ घंटे में 13 बार स्क्रीन बंद हुई। सूचना दी गई कि इंटरनल पावर सप्लाई में खराबी व जनरेटर और बैकअप सिस्टम फेल होने से कंप्यूटर स्क्रीन बंद हो गईं। दो दिन परीक्षा होने से दोनों पेपर का स्तर समान रखना आसान नहीं, नार्मलाइजेशन करना होगा इस साल पेपर का स्तर सभी छात्रों के एक जैसा रखने के लिए एनबीईएमएस की योजना एक ही दिन और एक ही शिफ्ट में पेपर करवाने की थी। इससे रिजल्ट बनाते समय नार्मलाइजेशन की प्रक्रिया से नहीं गुजरना होता। पिछले साल दो शिफ्ट में नीट पीजी का पेपर आयोजित हुआ था और नार्मलाइजेशन कर मेरिट बनी थी। मल्टीपल शिफ्ट में पेपर होते हैं तो यह प्रक्रिया अपनानी पड़ती है। जेईई, एसएससी की ओर से आयोजित मल्टीपल शिफ्ट परीक्षाओं में यह प्रक्रिया अपनाई जाती है। 5 सितंबर के बाद बिना नार्मलाइजेशन रिजल्ट तैयार किया गया तो सवाल उठेंगे।