उदयपुर के सवीना थाना क्षेत्र में रविवार तड़के करीब 3 बजे थाने के सामने ही हिस्ट्रीशीटर पर फायरिंग का मामला सामने आया है। बदमाशों ने फरदीन उर्फ गांजा पर तीन गोलियां चलाईं। इनमें से 2 गोली हिस्ट्रीशीटर के कंधे में फंस गई, जबकि तीसरी गोली उसके साथी को छूते हुए निकल गई। घटना के बाद घायल फरदीन को तुरंत एमबी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। घटना के करीब 9 घंटे बाद भी दोनों गोलियां उसके कंधे में फंसी हुई हैं। फिलाहल उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। भाई पर हमले की रिपोर्ट देने पहुंचा था थाने एमबी हॉस्पिटल की कार्डियोलॉजी यूनिट में भर्ती घायल फरदीन ने बताया कि वह अपने भाई अरदीन पर बीती रात हुए हमले की रिपोर्ट देने सवीना थाने पहुंचा था। उसने गाडी बाहर पार्क की। तभी गोगा और उस्मान गनी कार से आए और फायरिंग कर दी। दो गोली उसके कंधे पर लगी। ज​बकि एक गोली उसके साथी को छूते हुए निकल गई। इधर, इस घटना को गैंगवार से भी जोड़कर देखा जा रहा है। क्योंकि घायल ने जिस आरोपी गोगा का नाम लिया है वह भी हिस्ट्रीशीटर है। हालांकि आरोपियों में कौन-कौन शामिल था। फिलहाल पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। थानाधिकारी दलबीर सिंंह ने बताया कि फायरिंग की घटना की जांच कर रहे हैं। आरोपियों की तलाश के लिए टीम जुटी हुई हैं। छोटे भाई अरदीन का बदला लेने गया था घायल फरदीन घायल की मां शबाना बानो ने बताया कि बीती रात को मेरा छोटा बेटा अरदीन बलीचा स्थित महादेव होटल पर खाना खाने गया था। वहां अरदीन पर मुजफ्फर उर्फ गोगा, मोह​सिन और उसके साथियों ने हमला कर दिया। अरदीन वहां से जैसे-तैसे बचकर भागा और अपने बड़े भाई फरदीन को फोन करके सूचना दी। फिर फरदीन रवाना हुआ और सवीना ​क्षेत्र में पेट्रोल पंप के पास पहुंचा। तभी आरोपियों ने उस पर फायरिंग कर दी। मां ने बताया कि मुझे नहीं पता कि इनका क्या आपसी विवाद है। मेरा बेटा फरदीन डेढ़ माह पहले जेल से आया और तब से अच्छे से रह रहा था। मां ने हॉस्पिटल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बेटे को अलसुबह भर्ती किया और अभी तक उसके कंधे में फंसी गोलियां नहीं निकाली गईं। आचार संहिता में फायरिंग की घटना से उठे सवाल वर्तमान में उदयपुर सहित प्रदेश में निकाय चुनाव की आचार संहिता लागू हैं। ऐसे में फायरिंग की घटना से पुलिस की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। रात के समय प्रभावी पुलिस गश्त नहीं होने से थाने के पास ये घटना हो गई। आरोपियों के पास आखिर पिस्टल कहां से और कैसे आई? बतादें, फरदीन पर लूट, मारपीट, आर्म्स एक्ट आदि के 15 मामले दर्ज हैं। जबकि गोगा पर 20 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं।