भास्कर न्यूज | झुंझुनूं जिले के 19 नगर निकायों में सोमवार को नामांकन पत्र दाखिल करने का अंतिम दिन है, लेकिन रविवार देर रात तक न तो भाजपा ने पत्ते खोले और न ही कांग्रेस ने अपने अधिकृत प्रत्याशियों की सूची सार्वजनिक की। दोनों ही बड़े दलों को बगावत का डर सता रहा है। बगावत को टालने और असंतुष्टों को निर्दलीय पर्चा दाखिल करने का मौका न देने के लिए पार्टियों ने यह अनूठा फॉर्मूला अपनाया है। खासकर झुंझुनूं नगरपरिषद के 60 वार्डों के लिए दोनों पार्टियों में टिकटों को लेकर उठापठक जारी है। ऐसे में दावेदारों की सांसें अटकी हुई हैं। भाजपा में इस बार बगावत का डर ज्यादा है। पार्टी ने इस बार उन बड़े चेहरों को दरकिनार किया है, जिन्होंने कई बार पार्टी को जीत दिलाई है या हर समय संगठन के साथ खड़े रहे हैं। पार्टी सूत्रों की माने तो इनमें वार्ड 11 से तीन बार पार्षद रहे राजेश बाबल, वार्ड 15 से तीन बार पार्षद रहे लीलाधर जाखड़, वार्ड 56 से तीन बार पार्षद रहे विजय कुमार सैनी, वार्ड 30 में तीन बार पार्षद रहे व वर्तमान में शहर मंत्री विजेंद्र हटवाल, वार्ड 50 से तीन बार पार्षद रहे पूर्व मंडल अध्यक्ष राकेश सहल, वार्ड 32 से पूर्व पार्षद शशीकांत नेहरा, वार्ड 44 से पूर्व पार्षद व पूर्व मंडल उपाध्यक्ष ज्योतिप्रकाश शर्मा, वार्ड 49 से पूर्व पार्षद व महिला मोर्चा की जिला महामंत्री मंजू चौहान, वार्ड 55 से पूर्व पार्षद व शहर महामंत्री सुरेंद्र बंशीवाल, वार्ड 57 से निवर्तमान पार्षद चंद्रप्रकाश शुक्ला, वार्ड 51 से मंडल अध्यक्ष कमलकांत शर्मा, वार्ड 31 से जिला प्रवक्ता व पूर्व जिला मंत्री संजय मोरवाल के नाम शामिल हैं। वहीं कांग्रेस में भी टिकटों को लेकर कई वार्डों में गतिरोध बना हुआ है। आजम भाटी व अजमत अली के वार्ड फंसे हुए हैं। कांग्रेस ने केवल नवलगढ़ बेल्ट में खोले पत्ते, बाकी जिले में सस्पेंस : टिकट वितरण के मामले में कांग्रेस ने नवलगढ़ विधानसभा क्षेत्र के नवलगढ़, मुकुंदगढ़ और डूंडलोद नगरपालिका के वार्डों के लिए तो अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी, लेकिन झुंझुनूं नगर परिषद समेत जिले के बाकी निकायों पर अभी भी रहस्य बरकरार रखा है। इतना ही नहीं जिले में टिकटों की घोषणा करने में बाजी मारने वाले पूर्व मंत्री डॉ. राजकुमार शर्मा अपने िवधानसभा क्षेत्र की जाखल नगरपालिका के वार्डों के लिए भी प्रत्याशी घोषित नहीं कर पाए। भारतीय जनता पार्टी ने जिले की 19 में से एक भी निकाय के लिए रविवार देर रात तक आधिकारिक सूची जारी नहीं की। भाजपा ने इस बार टिकटों की सूची सार्वजनिक करने के बजाय पर प्रत्याशियों को फोन पर सूचना देने का अनूठा मॉडल अपनाया है। लिस्ट जारी करने पर होने वाले हंगामे और कार्यकर्ताओं के विरोध से बचने के लिए दोनों दलों के वरिष्ठ पदाधिकारी गुप्त रणनीति पर काम कर रहे हैं। चुनिंदा दावेदारों को रविवार देर शाम से ही वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा फोन कर तैयारी रखने और सोमवार को सीधे नामांकन दाखिल करने का निर्देश दिया गया। अंतिम समय में बगावत से बचने के लिए पार्टी के अधिकृत सिंबल सोमवार को सीधे रिटर्निंग अधिकारी को ही सौंपे जाएंगे।