भास्कर संवाददाता|टोंक डारडा हिंद में आयोजित 108 कुंडीय श्री सीताराम महायज्ञ का भव्य समापन अत्यंत श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। नौ दिन चले इस धार्मिक अनुष्ठान ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय माहौल में सराबोर कर दिया। समापन मौके पर श्रद्धालु, संत-महात्मा और ब्राह्मण इस पावन अवसर के साक्षी बनने पहुंचे। महायज्ञ के अंतिम दिन वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ 108 कुंडों में पूर्णाहुति दी। यज्ञकर्ता धन्ना पीठाधीश्वर स्वामी बजरंगाचार्य महाराज की मौजूदगी में यज्ञाचार्य महामंडलेश्वर अयोध्याधाम गणेशदास महाराज की ओर से श्रीराम मंत्रोच्चारण के बीच प्रतिदिन 7 लाख आहुतियां दिलाई गई। यानि की नौ दिनों में 63 लाख आहुतियां दी। यज्ञाचार्यों द्वारा मंत्रों की गूंज और हवन की दिव्य अग्नि ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इसके पश्चात ब्राह्मणों और संतों का विधिवत सम्मान कर उन्हें दक्षिणा, वस्त्र एवं उपहार देकर विदाई दी गई। मेहंदवास, भीलवास्या गांवों से आए रामधुनी मंडलों में शामिल मदन चौपड़ा, मोती यादव, किशन सोनी, मुकेश पटेल, रामलाल चौधरी, बुद्धिप्रकाश जाट, बेनी, लक्ष्मण जाट समेत अन्य श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन प्रस्तुत किए। ढोलक, मंजीरे और झांझ की मधुर ध्वनि के बीच हरे रामा, हरे कृष्णा की गूंज ने पूरे परिसर को भक्तिरस में डुबो दिया।