सरकार ने भले ही इस बार 1 अप्रैल से नया सत्र 2026-27 प्रारंभ कर दिया हो, लेकिन स्कूलों में बच्चों को शिक्षकों का इंतजार है। माध्यमिक शिक्षा विभाग की अप्रैल की रिपोर्ट में खाली पदों को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। विभाग में न केवल शिक्षकों के बल्कि अधिकारियों के पद भी खाली पड़े हैं। विभाग में 4,13,645 स्वीकृत पदों में से 1,24,268 पद खाली पड़े हैं। इसमें प्रिंसिपल के 5945, व्याख्याता के 20516 और वरिष्ठ अध्यापक के 43169 पद खाली हैं। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि माध्यमिक शिक्षा की क्या स्थिति होगी। विभाग की रिपोर्ट के अनुसार निदेशक का पद खाली पड़ा है। इस पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी प्रारंभिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट संभाल रहे हैं। ऐसे में उनके पास काम का अतिरिक्त भार आ गया है। इसके अलावा अतिरिक्त निदेशक के 4 में से 3 पद खाली हैं। उपनिदेशक व जिला शिक्षा अधिकारियों के पद भी बड़ी संख्या में खाली हैं। उधर, इतनी बड़ी संख्या में पद खाली होने से बेरोजगारों ने नई भर्तियां प्रारंभ करने की मांग उठाई है। राजस्थान बेरोजगार यूनियन के संयोजक रवींद्र चौधरी ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा में व्याख्याता, वरिष्ठ अध्यापक और कंप्यूटर अनुदेशकों सहित अन्य कैडर के बड़ी संख्या में पद खाली हैं। सरकार को इन पदों पर नई भर्तियां प्रारंभ करके बेरोजगारों को राहत देनी चाहिए। ये काम हो रहे प्रभावित