ट्रेन के एसी कोच में यात्रियों को मिलने वाला तौलिया, बेडशीट, तकिए का कवर और कंबल अब रेलवे के लिए सुविधा से ज्यादा आर्थिक बोझ बनते जा रहे हैं। उत्तर पश्चिम रेलवे के आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2022 से मई 2026 के बीच देशभर में 1.27 करोड़ से अधिक लिनेन चोरी हो गए, जिनकी अनुमानित कीमत 104.51 करोड़ रुपए है। वहीं, उत्तर पश्चिम रेलवे (एनडब्ल्यूआर) को 2022-23 से 2025-26 के बीच लिनेन चोरी से 13.84 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। सबसे ज्यादा नुकसान जयपुर मंडल में दर्ज किया गया है। वहीं, देशभर के मंडलों में बीकानेर मंडल लिनेन चोरी के मामले में पहले और जोधपुर मंडल टॉप-5 में है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार 2025-26 में चोरी का रिकॉर्ड टूटा। जयपुर से गुजरती हैं दिल्ली, मुंबई सहित कई प्रमुख ट्रेनें जयपुर मंडल उत्तर पश्चिम रेलवे का सबसे व्यस्त मंडल है, जहां से दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, कोलकाता, चेन्नई और बेंगलुरु सहित कई प्रमुख लंबी दूरी की एसी ट्रेनें गुजरती हैं। 2025-26 में अकेले जयपुर मंडल से 2.04 करोड़ रुपए की बेडशीट, 1.29 करोड़ रुपए के फेस टॉवल, 35.50 लाख रुपए के पिलो कवर और 69.90 लाख रुपए के कंबल चोरी हुए। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लिनेन चोरी करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार रेलवे अब बेडरोल वितरण प्रणाली में बदलाव, गंतव्य स्टेशन से पहले लिनेन वापस लेने और सेकंड व थर्ड एसी में फेस टॉवल के स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था लागू करने जैसे विकल्पों पर विचार कर रहा है।