बालोतरा | धार्मिक आस्था को गोसेवा, जीव दया व मानव सेवा से जोड़ते हुए मंगल मूर्ति सुंदरकांड सेवा समिति ने एक वर्ष में सेवा की मिसाल पेश की है। चैत्र शुक्ल पक्ष की नवरात्रि के प्रथम नवरात्र से शुरू हुई समिति से वर्तमान में 25 कार्यकर्ता जुड़े हैं। सुंदरकांड पाठ का संदेश मिलते ही कार्यकर्ता निस्वार्थ भाव से निर्धारित समय पर पहुंचकर पाठ करते हैं। पाठ से प्राप्त सहयोग राशि को गोमाता, बेसहारा पशुओं व जरूरतमंदों की सेवा में खर्च किया जाता है। समिति की ओर से एक वर्ष में 185 सुंदरकांड पाठ किए गए। इस दौरान प्राप्त राशि से गोसेवा व पुण्यार्थ कार्यों में खर्च किए गए। समिति की ओर से औसतन एक दिन छोड़कर एक दिन सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाता है। सेवा कार्यों के तहत उतरनी नंदी गोशाला में चारे की गाड़ी भिजवाई गई। सर्दियों में अमावस्या व पूर्णिमा पर चार बार दो-दो क्विंटल लापसी बनवाकर बालोतरा शहर में बेसहारा पशुओं को कार्यकर्ताओं ने अपने हाथों से खिलाई। सांभरा बालाजी गोशाला में दो बार लापसी तथा दो बार पिकअप भरकर हरा चारा वितरित किया गया। मुंगड़ा मामाजी गोशाला में दो बार ट्रैक्टर-ट्रॉली भरकर हरा चारा और एक बार लापसी गोमाता को खिलाई गई। जीव दया के तहत श्री कृष्णा एनिमल हेल्थ केयर के पूरे प्लॉट की तारबंदी करवाने के साथ दो बार सूखा चारा डलवाया गया। शहर में बेसहारा पशुओं के लिए समदड़ी रोड पर पानी की बड़ी होदी का निर्माण भी करवाया गया। उतरनी नंदी गोशाला में सूखे चारे का बड़ा ट्रक खाली करवाया गया, जबकि अन्नपूर्णा गोशाला में भी सूखे चारे के लिए सहयोग दिया गया। कनाना में परशुराम गिरी महाराज की ओर से आयोजित यज्ञ के दौरान भी गोमाता के लिए सहयोग राशि प्रदान की गई। समिति ने मानव सेवा के क्षेत्र में भी कार्य किए। नगर परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं को पानी और जूस की बोतलें वितरित की गईं। इस सप्ताह... मंगल मूर्ति सुंदरकांड सेवा समिति संस्था से संपर्क करने के लिए सदस्य हितेष सोनी के नंबर 9166569039 पर संपर्क कर सकते हैं।