शहर का सुभाष नगर और गोलपुरा क्षेत्र 4-5 वर्षों से स्थायी जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। क्षेत्र की सड़कों और खाली पड़े प्लॉटों में अभी भी 2 से 3 फीट तक गंदा पानी भरा हुआ है। जलनिकासी के लिए नालियों का निर्माण न होने और क्षेत्र के निचले हिस्से में स्थित होने के कारण यहाँ पूरे शहर का पानी आकर जमा हो जाता है। स्थानीय निवासी भारत और कमला देवी ने बताया कि इस सड़े हुए पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे डेंगू और मलेरिया का खतरा बना रहता है। साथ ही, जहरीले जीव-जंतुओं और सांपों के घरों में घुसने से लोग दहशत में हैं। जलभराव के कारण सड़कों के गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे आए दिन बाइक सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं। मकानों की नींव में आई दरारें लगातार पानी भरा रहने के कारण मकानों की नींव कमजोर हो गई है और दीवारों में दरारें आने लगी हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि रास्ते बंद होने और घरों में सीलन भरने की वजह से कई परिवारों को अपने मकान छोड़कर दूसरी जगह जाना पड़ा है। लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं किया जा रहा है। लोगों ने बताया बरसात का पानी और खाली प्लॉटों में जमा पानी से यहां हर समय बीमारियां फैलने का खतरा मंडराता रहता है। प्रशासनिक अनदेखी से रोष क्षेत्रवासियों का आरोप है कि उन्होंने कई बार नगर निगम और जिला प्रशासन को लिखित शिकायत दी है, लेकिन अधिकारियों ने केवल आश्वासन दिया है। कॉलोनी में न तो नालियां बनाई गई हैं और न ही जमा पानी को पंप से बाहर निकालने की कोई स्थायी व्यवस्था की गई है। प्रशासनिक उदासीनता के कारण यहाँ के सैकड़ों लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।