गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती समाजिक एवं पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक सोमवार को डिस्चार्ज हो गए। दोपहर 1 बजकर 45 मिनट पर अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वो राजघाट के लिए गांधी जी को श्रद्धांजलि देने निकले। उन्होंने कार से हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन किया। वांगचुक नीट पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर 26 दिनों तक अनशन पर बैठे थे इससे पहले उन्होंने नया वीडियो जारी कर कहा- मुझे हॉस्पिटल से आज छुट्टी मिल रही है। अब बापू को श्रद्धांजलि देने के लिए राजघाट जाऊंगा। वांगचुक ने आगे कहा- सारे काम पूरे करके अब मैं फिर पहाड़ों पर वापस आ जाऊंगा। आप सभी का धन्यवाद और मेदांता हॉस्पिटल गुड़गांव के डॉक्टरों और स्टाफ की शानदार टीम को बहुत-बहुत धन्यवाद। बता दें कि वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम उनकी अंतिम स्वास्थ्य रिपोर्ट और वाइटल्स की समीक्षा कर बताया कि वांगचुक के स्वास्थ्य में अब काफी तेजी से सुधार हुआ है। उनकी सभी मेडिकल रिपोर्ट सामान्य आई हैं और वे पूरी तरह स्वस्थ एवं चलने-फिरने में सक्षम हैं। पढ़िए सोनम वांगचुक ने और क्या कहा… सोनम वांगचुक ने कहा कि अब उनकी तबीयत पहले से काफी बेहतर है। वह धीरे-धीरे खाना खा रहे हैं और शरीर में भी ताकत लौट रही है। उन्होंने कहा कि जैसे स्विट्जरलैंड से लौटने के बाद अनशन शुरू करने से पहले राजघाट जाकर बापू को श्रद्धांजलि दी थी और फिर जंतर-मंतर पहुंचे थे, उसी परंपरा को आज भी दोहराया जाएगा। इसके बाद वह अपने घर लद्दाख के लिए रवाना होंगे। वांगचुक ने आंदोलन में साथ देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देशभर से छोटे-बड़े, पास-दूर सभी लोगों ने एकजुट होकर इस मुहिम में अपनी आवाज मिलाई। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से यह आंदोलन सफल हुआ है और भविष्य में भी जनहित के मुद्दों पर इसी तरह मिलकर आवाज उठाई जाती रहेगी। अस्पताल के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुबह से ही मेदांता अस्पताल के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान वे भूख हड़ताल पर चले गए थे। जिसके बाद उन्हें पहले सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, उसके बाद उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। वांगचुक ने 28 जून को भूख हड़ताल शुरू की थी सोनम वांगचुक इस आंदोलन से पहली बार 6 जून को जुड़े और सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके के साथ मंच पर पहुंचे। इसके बाद 28 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। अस्पताल से वांगचुक ने 4 VIDEO जारी किए लद्दाख से जुड़ी मांग को लेकर भी अनशन कर चुके वांगचुक यह सोनम वांगचुक का पहला अनशन नहीं था। इससे पहले उन्होंने मार्च 2024 में लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने, पूर्ण राज्य का दर्जा, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की मांग को लेकर 21 दिन की भूख हड़ताल की थी। इसके बाद सितंबर 2024 में वे 'दिल्ली चलो पदयात्रा' लेकर निकले, लेकिन दिल्ली सीमा पर हिरासत में ले लिए गए। 2025 में लद्दाख में आंदोलन के दौरान हिंसा भड़कने के बाद प्रशासन ने उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया था। बाद में मार्च 2026 में केंद्र सरकार ने NSA के तहत उनकी नजरबंदी का आदेश वापस ले लिया और उन्हें रिहा कर दिया। अब उन्होंने NEET पेपर लीक और परीक्षा सुधार की मांग को लेकर 26 दिन तक अनशन किया, जिसे सरकार से तीन प्रमुख मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद समाप्त किया। ----------------- गुरुग्राम में वांगचुक बोले- शिक्षा ही नहीं, शासन भी बदलेगा:धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बताया आगे का प्लान, इस्तीफा शुरुआत, देश चलाने का तरीका बदलेगा गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बिस्तर से विक्ट्री साइन दिखाते हुए पहला रिएक्शन दिया। उन्होंने इसे लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया और साफ किया कि यह आंदोलन का अंत नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बदलने के लिए आगे के सुधारों की शुरुआत है। पूरी खबर पढ़ें…