भास्कर न्यूज | टोंक रैगर समाज सामूहिक विवाह सम्मेलन समिति, टोंक के तत्वावधान में निशुल्क तृतीय सामूहिक विवाह सम्मेलन रविवार को चतुर्भुज तालाब के पास स्थित मैरिज गार्डन में सम्पन्न हुआ। जिसमें समाज के 25 जोड़ों का विवाह विधि-विधान से संपन्न कराया गया। जिसकी शुरुआत सुबह 8 बजे निकासी से हुई। सुभाष बाजार में रैगर समाज और रोटरी क्लब की ओर से आतिशबाजी कर वर-वधु का स्वागत किया गया। इसके बाद तोरण कार्यक्रम हुआ, जिसमें वर पक्ष का पारंपरिक स्वागत किया गया। तोरण के बाद वर-वधुओं ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई। पंडित रामरतन आर्य और पंडित सुखलाल के सान्निध्य में 25 जोड़ों ने अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए और दाम्पत्य जीवन में प्रवेश किया। मुख्य वेदी पर रामजीलाल सिंघाड़िया उपस्थित रहे। कार्यक्रम में निवाई विधायक रामसहाय वर्मा, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एसके मोहनपुरिया, भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान, एडीएम रामरतन सौंकरिया, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष हरिप्रसाद बैरवा, रैगर महासभा जिलाध्यक्ष शंकरलाल हाथीवाल, पूर्व उपसभापति बजरंग वर्मा और धर्मेंद्र सालोदिया उपस्थित रहे। विधायक रामसहाय वर्मा ने कहा कि रैगर समाज शिक्षा और संस्कारों के लिए जाना जाता है, सामूहिक विवाह सम्मेलन समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल है, जो दहेज जैसी कुप्रथा को समाप्त करने में सहायक है। उन्होंने कहा कि इससे फिजूलखर्ची पर रोक लगती है और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों का सम्मानपूर्वक विवाह संभव हो पाता है। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. धर्मेंद्र वर्मा ने किया। सम्मेलन में समाज के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। समिति अध्यक्ष जय नारायण वर्मा ने बताया कि सामूहिक विवाह सम्मेलन न केवल जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक राहत देता है, बल्कि सामाजिक समरसता और एकता को भी मजबूत करता है। समिति संयोजक धर्मेंद्र सालोदिया ने कहा कि समाज में बढ़ती शादी की लागत को देखते हुए इस तरह के आयोजनों का उद्देश्य फिजूलखर्ची रोकना, सामाजिक एकता बढ़ाना और शिक्षा को बढ़ावा देना है। घोडियों पर दुल्हे-केंटर में दुल्हनें : मीडिया प्रभारी मुकेश कराड़िया ने बताया कि निकासी में पांच घोडिय़ों पर भामाशाह, किस्तूर चंद शेरस्या, रतनलाल बड़ीवाल, नरेश हिनोनिया व हीरालाल सेवलिया ध्वज के साथ सवार रहे, जबकि भामाशाह रामपाल जैलिया रथ पर विराजमान थे। वर घोडिय़ों पर और वधुएं कंटेनर में सवार होकर निकासी में शामिल हुईं। निकासी अग्रवाल धर्मशाला, सवाई माधोपुर चौराहा (किदवई पार्क) से शुरू होकर बड़ा कुआं, पांच बत्ती, सुभाष बाजार, घंटाघर मुख्य बाजार होते हुए विवाह स्थल तक पहुंची। बैंड-बाजों की धुन पर महिलाएं और पुरुष नाचते-गाते नजर आए। जगह-जगह पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर बारात का स्वागत व ठंडा पानी, शरबत और आइसक्रीम की व्यवस्था कर मान-सम्मान किया।