घर-परिवार को अच्छे से संभालने वाले हाथ निवाई शहर की काया पलट करने को भी काम कर रहे हैं। छोटी-छोटी कोशिश से कैसे बड़ा बदलाव लाया जाना चाहिए, ये निवाई के धर्म प्रभावना महिला मंडल की टीम से जाना जा सकता है। करीब 30 महिलाओं की टीम पिछले करीब 10 साल से जनहित और पर्यावरण की सुरक्षा के कामों में जुटी हुई है। धर्म प्रभावना महिला मंडल की मुख्य संयोजक संजू जौंला, अध्यक्ष उर्मिला सोगानी, मंत्री इंद्रा जैन और कोषाध्यक्ष बीना सोगानी ने बताया कि वर्ष 2017 में ऐसे संगठन का विचार आया। नजदीकी महिलाओं को एकत्र कर काम करने की योजना बनाई गई। अपने-अपने मिलने वाले जेब खर्च से सबने पैसे निकाले और समाज और प्रकृति के लिए काम करना शुरू किया। धीरे-धीरे काम बढ़ा और टीम भी बढ़ती गई। आज करीब 30 महिला सदस्य प्रति माह दो-दो सौ रुपए जमाकर फंड इकट्ठा करती हैं। उनके काम को देखकर उनके पति और परिजन भी मदद को साथ खड़े रहते हैं। यहां तक की कई कार्यक्रमों में उनके साथ बच्चे भी कदम से कदम मिलाकर काम करते हैं। मंडल की टीम बताती है कि कुछ सालों से हर बार गर्मियों में परिंडे लगाने और बरसात में पौधे लगाने का काम कर रहे हैं। अब तक करीब 500 पेड़ और इतने ही परिंडे लगा चुके हैं। इसके अलावा वृद्धाश्रम और मूक-बधिर विद्यालय में भोजन-साड़ी वितरण, सड़क सुरक्षा अभियान में चालकों को फूल भेंटकर ट्रैफिक नियमों की पालना करने के लिए प्रेरित करने के काम में मंडल सक्रिय रहता है। मंडल की सभी सदस्य महिला अपने-अपने जन्मदिन को पौधे लगाकर, भोजन करवाकर और अस्पताल में सेवाकर के मनाते है। सामाजिक मजबूती के लिए नाटक का मंचन धर्म प्रभावना महिला मंडल परिवारों में बढ़ रहे तनाव और खासकर सास-बहू के बीच मतभेदों को कम करने के लिए भी काम कर रहा है। पदाधिकारी बताते है कि संगठन हाल ही माडर्न बहू नाटक का मंचन कर आपसी समझ, स्नेह और सम्मान की सीख दी जा रही है। धार्मिक लघु नाटकों का भी लगातार मंचन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम महिलाओं में अधिक लोकप्रिय हो रहा है। मंडल की पदाधिकारियों का मानना है कि हम समाज को कुछ अच्छा लौटा सके तो हमारा प्रयास सार्थक रहेगा।