राजस्थान ने सहकारिता के क्षेत्र में देश के सामने अपनी अलग पहचान बनाई है। प्रदेश में 5 हजार 646 प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (पैक्स) अब ई-पैक्स बन गई हैं और इनके जरिए 10 करोड़ से ज्यादा ऑनलाइन ट्रांजेक्शन हो चुके हैं। यह पूरे देश के कुल डिजिटल ट्रांजेक्शन का एक-तिहाई है और देश में सबसे ज्‍यादा हैं। यही नहीं, सदस्यता अभियान में 8.90 लाख नए सदस्य जोड़कर राज्य ने सहकारिता आंदोलन को गांव-ढाणी तक पहुंचाना है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को सहकारिता मंत्रालय के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित किया। समारोह नई दिल्ली के भारत मंडपम में हुुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 42 हजार से अधिक सहकारी समितियों से 1.35 करोड़ सदस्य जुड़े हैं। डेयरी क्षेत्र ने 10 हजार करोड़ रु. का रिकॉर्ड टर्नओवर हासिल किया है, जबकि दूध संकलन 38 लाख लीटर से बढ़कर 45 लाख लीटर प्रतिदिन पहुंच गया है। आरसीडीएफ व जिला दुग्‍ध संघों के कुल लाभ और टर्नओवर पिछले 47 वर्षों के इतिहास में सर्वाधिक है। राजस्थान को मिलीं सौगातें डिजिटल पेमेंट से भुगतान प्रणाली में पारदर्शिता केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि सहकारी व्यवस्था को तकनीक रूप से सक्षम व पारदर्शी बनाया गया। डिजिटल पेमेंट सिस्टम से भुगतान प्रणाली में पारदर्शिता आई है। उन्होंने देश के किसानों से ऑर्गेनिक खेती को ज्यादा से ज्यादा अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि भूमि के संरक्षण की जिम्मेदारी भी हमारी है। केमिकल और फर्टिलाइजर से उत्पादन बढ़ने की बजाय जमीन की उर्वरता को नुकसान होता है।