वन विभाग की ओर से नवगठित 8 वनमंडलों में रेंज और डिविजन का क्षेत्र आवंटित कर दिया गया है, लेकिन अब सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) स्तर के अधिकारियों के कार्यक्षेत्र को लेकर तकनीकी समस्या आ गई है। रेंजर और डीएफओ के मॉनिटरिंग क्षेत्र निर्धारित कर दिए गए हैं, लेकिन एसीएफ की मॉनिटरिंग रेंज को लेकर अब तक नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। ऐसे में अधिकारियों के सामने असमंजस है कि वे किस रेंज में जाकर कामकाज की निगरानी, गश्त, निरीक्षण और विभागीय बैठकों से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी संभालें। दरअसल, वन विभाग में हर एसीएफ का क्षेत्राधिकार तय रहता है। एक एसीएफ के पास दो से लेकर पांच रेंज तक की जिम्मेदारी होती है। संबंधित अधिकारी फील्ड में जाकर कार्यों की जांच और निगरानी करते हैं। इसके बाद रिपोर्ट तैयार कर जिला मुख्यालय को देते हैं। ऐसे में मॉनिटरिंग क्षेत्र का निर्धारण नहीं होने से कामकाज की जिम्मेदारी तय करने में परेशानी हो सकती है। पुनर्गठन में सलूंबर को मिली एसीएफ की पोस्ट उदयपुर से अलग होकर सलूंबर नया जिला बना है। इसके तहत सलूंबर में एसीएफ के दो पद हो गए हैं। सलूंबर में पहले से एसीएफ का एक पद है। पुनर्गठन के दौरान उदयपुर से एक पद अलग कर सलूंबर जिले को दिया गया है। इसके साथ ही एसीएफ सराड़ा का नया पद भी सृजित किया गया। यह समस्या केवल सलूंबर तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी नए बने 8 वनमंडलों में एसीएफ के कार्यक्षेत्र के निर्धारण को लेकर यही तकनीकी स्थिति सामने आ रही है। नवगठित 8 वनमंडल सलूंबर, बालोतरा, कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा, डीग, डीडवाना-कुचामन, ब्यावर, फलोदी। जल्द तय हो एसीएफ का क्षेत्राधिकार वनमंडलों में प्रत्येक एसीएफ का क्षेत्राधिकार तय होता है। पुराने वनमंडलों में इसके लिए नोटिफिकेशन जारी किए गए हैं। नए वनमंडलों में भी जल्द क्षेत्राधिकार तय किया जाना चाहिए। एसीएफ कोर्ट से संबंधित मामलों को देखते हैं। इसके अलावा उन्हें एसीएफ कोर्ट की शक्तियां भी प्राप्त होती हैं, जिनके तहत वे अपने निर्धारित क्षेत्र में वनों से जुड़े मामलों की सुनवाई करते हैं। यदि क्षेत्राधिकार तय नहीं है, तो कोर्ट से जुड़े मामलों में परेशानी आ सकती है। इसके साथ ही एसीएफ के लिए मॉनिटरिंग क्षेत्र भी निर्धारित रहता है, जहां वे विभागीय कार्यों की निगरानी करते हैं। ऐसे में नए वनमंडलों में जल्द नोटिफिकेशन जारी कर क्षेत्राधिकार तय करना जरूरी है। फतेह सिंह राठौड़, सेवानिवृत्त डीएफओ