दीपावली का पर्व धनतेरस के साथ शुक्रवार को शुरू हो गया है। धनतेरस पर इस बार दिनभर खरीदारी के शुभ योग हैं। जयपुर के बाजारों में सुबह से खरीदारी की रौनक है। मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में नए वाहनों की पूजा के लिए लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई है। कारोबारियों के अनुसार, दीपावली को लेकर बाजारों में सकारात्मक माहौल है। पिछले कुछ दिनों से ग्राहकों की सक्रियता बढ़ी है। धनतेरस पर जयपुर सहित राजस्थान में अच्छा कारोबार होने की उम्मीद है। ज्वेलरी और ऑटोमोबाइल सेक्टर के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, रेडीमेड गारमेंट्स, टेक्सटाइल, घरेलू उपकरण, मिठाई और गिफ्ट आइटम की बिक्री भी अच्छी रहने के आसार हैं। सुबह 10:37 बजे के बाद त्रयोदशी तिथि, प्रदोषकाल में धनतेरस ज्योतिषाचार्यों के अनुसार- 6 नवंबर को सुबह 10:37 बजे तक द्वादशी तिथि रहेगी। इसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू होगी, जो प्रदोषकाल में भी रहेगी। इसी कारण 6 नवंबर को धनतेरस मनाई जाएगी। इस दिन पूरे दिन हस्त नक्षत्र का शुभ योग रहेगा। ऐसे में सोने-चांदी, वाहन, जमीन, बर्तन और इलेक्ट्रॉनिक्स सहित अन्य सामान की खरीदारी की जा सकेगी। धनतेरस पर इन चीजों की खरीदारी मानी जाती है शुभ धनतेरस पर सोने-चांदी की ज्वेलरी और सिक्के खरीदना समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। बर्तन और अनाज की खरीदारी घर में सुख-समृद्धि और खान-पान की उपलब्धता से जोड़कर देखी जाती है। वहीं जमीन और वाहन जैसी स्थायी संपत्ति खरीदना भी शुभ माना जाता है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स और गैजेट्स, हल्दी, साबुत धनिया और झाड़ू खरीदने की परंपरा है। मान्यता है कि हल्दी और साबुत धनिया स्वास्थ्य और समृद्धि से जुड़े हैं। वहीं झाड़ू को घर की सफाई और शुद्धता का प्रतीक माना जाता है। धनतेरस पर पूजा का मुहूर्त धनतेरस पर प्रदोषकाल में मां लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। इस बार लक्ष्मी पूजा के लिए प्रदोषकाल में शाम 5:35 बजे से रात 7:59 बजे तक का समय शुभ रहेगा। धनतेरस पर खरीदारी के लिए अभिजीत, गोधूलि, चौघड़िया और लग्न के अनुसार अलग-अलग शुभ समय बताए गए हैं। ….