भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा काशीपुरी और वाल्मीकि बस्ती से होकर गुजरने वाला करीब 50 साल पुराना नाला लंबे समय से जर्जर हालत में है। स्थानीय लोगों के अनुसार नाला कई स्थानों से टूट चुका है और बरसात में इसमें पानी का बहाव तेज होने से हादसे का खतरा बढ़ जाता है। समाज का कहना है कि यह स्थिति बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए लगातार जोखिम बनती जा रही है। छीतरमल गेंगट ने बताया कि एक साल पहले इसी टूटे नाले के चलते वाल्मीकि समाज का एक युवक बह गया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। उनके अनुसार इस घटना के बाद भी नाले की मरम्मत और सुरक्षा उपायों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, जबकि बरसात के दिनों में खतरा और बढ़ जाता है। वाल्मीकि समाज के छीतरमल गेंगट, श्याम लाल बी गारु, संपत लाल गांवरी, भारत गेंगट, किशन लाल आदिवाल, रामगोपाल सणगत, महावीर गेंगट, कुनाल गोरण, महादेव सरपटा, शुभम चन्नाल, मनीष कुमार ने बताया कि नाला जानलेवा बन गया है। सभी ने नगर निगम, प्रशासन और विधायक अशोक कुमार कोठारी से मांग की है कि नाले की मरम्मत कराई जाए, टूटे हिस्सों को दुरुस्त किया जाए। खुले भागों पर स्लैब लगाकर उन्हें ढका जाए, ताकि किसी तरह की अनहोनी दोबारा न हो। आवश्यकता होने पर पुराने नाले का पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि बरसात शुरू होने से पहले क्षेत्र को सुरक्षित बनाया जा सके।