भास्कर न्यूज | बाड़मेर रड़वा निवासी एक व्यक्ति द्वारा जेके लक्ष्मी सीमेंट कंपनी के खिलाफ पेश किया गया भारी-भरकम हर्जाने का मामला उपभोक्ता न्यायालय ने खारिज कर दिया है। करीब चार साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद कोर्ट ने कंपनी की गुणवत्ता और प्रमाणन को सही मानते हुए फैसला सुनाया। परिवादी नरसिंगसिंह (निवासी रड़वा) ने वर्ष 2019 में अपने एक परिचित दुकानदार से जेके लक्ष्मी सीमेंट खरीदकर अपने मकान की छत की आरसीसी और दीवारें बनवाई थीं। निर्माण के लगभग एक साल बाद मकान में दरारें आने लगीं। परिवादी का आरोप था कि सीमेंट की गुणवत्ता खराब होने के कारण उसके मकान को नुकसान पहुंचा है। इसी आधार पर उसने वर्ष 2022 में उपभोक्ता न्यायालय में 4 लाख 60 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति और हर्जाने का परिवाद पेश किया था। उपभोक्ता न्यायालय के अध्यक्ष चंदनाराम चौधरी और सदस्या सरिता पारिक ने मामले की गहन सुनवाई की। कंपनी की ओर से अधिवक्ता महेन्द्र सिंह राठौड़ ने पैरवी करते हुए गुणवत्ता के पक्ष में ठोस सबूत रखे। कोर्ट ने पाया कि परिवादी केवल दरारों के आधार पर सीमेंट की गुणवत्ता को कमतर साबित नहीं कर पाया, जिसके बाद परिवाद खारिज कर दिया गया।