राजस्थान स्वास्थ्य आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय की पैरामेडिकल परीक्षा में खोरा बीसल स्थित प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज में हुई नकल के मामले में गिरफ्तार चारों आरोपी 2 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर हैं। पुलिस ने कॉलेज संचालक देवकृष्ण मंडीवाल, उनके भतीजे रामकृष्ण मंडीवाल, एस कर्ण कॉलेज मुकुन्दगढ़ के एचओडी कृष्ण कुमार सैनी तथा कार्मिक शंकरलाल जाट को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से 5.37 लाख रुपए जब्त किए हैं। थानाधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि पैरामेडिकल प्रथम वर्ष के जिन विद्यार्थियों के बैक पेपर थे, उनसे एस कर्ण कॉलेज मुकुन्दगढ़ के कृष्ण कुमार सैनी और शंकरलाल जाट ने प्रति पेपर 6 हजार लेकर पास कराने का सौदा किया। इसके लिए 5.50 लाख रुपए एकत्र किए गए। मुकुन्दगढ़ से आए आरोपियों ने कालवाड़ में चाय की थड़ी पर प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज के संचालक देवकृष्ण मंडीवाल से पेपर पास कराने की डील की। इसके बाद कॉलेज में संचालक के भतीजे रामकृष्ण को रकम सौंप दी। आरोपियों के बीच यह भी तय हुआ था कि परीक्षा में उनके परिचित वीक्षक लगाए जाएंगे। क्षमता से कई गुना का सेंटर, देरी होने पर हंगामा हुआ था सामने आया कि आरोपियों ने नकल कराने को क्षमता से कई गुना अधिक परीक्षार्थियों का सेंटर लिया था। इस कारण परीक्षा 40 मिनट देरी से शुरू हुई। इससे नाराज परीक्षार्थियों ने हंगामा कर तोड़फोड़ कर दी। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल और हिसाब-किताब की डायरियां जब्त की हैं। 11 केन्द्रों पर परीक्षा, एक केन्द्र पर 2600 परीक्षार्थी राजस्थान स्टेट एलाइड एंड हैल्थ केयर काउंसिल की ओर से जयपुर के 11 केन्द्रों पर परीक्षा आयोजित की थी, जिनमें प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज भी शामिल था। एक केन्द्र पर 2600 विद्यार्थियों की पैरामेडिकल डिप्लोमा कोर्स की परीक्षा रखी गई थी। प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज में तीन पैरामेडिकल कोर्सेज की परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। इसी केन्द्र की परीक्षा रद्द की गई है। जल्द नई तिथि घोषित की जाएगी। कॉलेज की मान्यता समाप्त करने के लिए संबंधित विवि को पत्र लिखा जाएगा। -डॉ. वीरेंद्र कुमार शर्मा, परीक्षा नियंत्रक, स्टेट एलाइड एंड हैल्थ केयर काउंसिल