टोंक जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल डिग्गी कस्बे में भक्ति और आस्था का अनोखा उदाहरण सामने आया है। यहां के रघुवीर सिंह ने “राम नाम लेखन” को एक जन-अभियान का रूप देकर पूरे क्षेत्र में अलग पहचान बनाई है। अब तक वे करीब 3 हजार डायरियों में लगभग 3 करोड़ बार “राम नाम” लिखवा चुके हैं। इस अभियान की शुरुआत परिवार की परंपरा से जुड़ी रही है। रघुवीर सिंह बताते हैं कि उनके दादाजी रामबक्श राम नाम के परम भक्त थे। वहीं उनके पिता उमाशंकर ने भी सादगी और सेवा का संदेश देते हुए इस परंपरा को आगे बढ़ाया। वर्ष 2020 में पिता के निधन के बाद उन्होंने इसे और अधिक समर्पण के साथ आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इसके बाद उन्होंने राम नाम लेखन को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया। वे दानदाताओं के सहयोग से डायरियां उपलब्ध कराते हैं और श्रद्धालुओं को नियमित रूप से राम नाम लिखने के लिए प्रेरित करते हैं। अब तक वे करीब एक हजार डायरियां वितरित कर चुके हैं। यह पहल अब केवल व्यक्तिगत साधना नहीं रही, बल्कि इसमें बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग बड़ी संख्या में जुड़ रहे हैं। धीरे-धीरे यह अभियान पूरे क्षेत्र में सामूहिक भक्ति आंदोलन का रूप ले रहा है।