शहर के पांच प्रमुख चौराहे काली की बगीची, शीशम तिराहा, रेडक्रॉस चौराहा, ट्रैफिक चौराहा तथा सर्किट हाउस अब सिर्फ ट्रैफिक पॉइंट नहीं रहेंगे, बल्कि शहर की पहचान और विरासत के प्रतीक बनेंगे। करीब 45 करोड़ की लागत से बीडीए ने इन बड़े चौराहों के कायाकल्प का काम शुरू कर दिया है, जहां शौर्य, संस्कृति, प्रकृति और आधुनिकता का अनोखा संगम नजर आएगा। ट्रैफिक चौराहे पर भरतपुर के संस्थापक महाराजा सूरजमल की एक भव्य और विशाल कांस्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जो शहर के गौरवशाली इतिहास और अटूट परंपरा का सजीव प्रतीक होगी। ''शौर्य थीम'' पर आधारित इस स्मारक में महाराजा सूरजमल की मुख्य उपस्थिति के साथ उनके वीर योद्धाओं की टोलियों को भी युद्ध मुद्रा में दर्शाया जाएगा, जो लोहागढ़ के ऐतिहासिक सैन्य पराक्रम की गाथा बयां करेंगी। शहर के चौराहों पर शौर्य, संस्कृति और प्रकृति का संगम दिखेगा प्रतिमा के लिए 7 फीट ऊंचे चबूतरे का होगा निर्माण सर्किल के ठीक बीचों-बीच गन मेटल से निर्मित एक शानदार मूर्ति लगाई जाएगी, जिसकी ऊंचाई लगभग 14 फीट 4 इंच (4370 मिमी) होगी। प्रतिमा के लिए करीब 7 फीट 4 इंच (2250 मिमी) ऊंचे एक विशेष चबूतरे (पेडस्टल) पर स्थापित किया जाएगा, जिस पर चमकदार काले ग्रेनाइट पत्थर की फिनिशिंग दी जाएगी। सर्किल के चारों कोनों पर सघन ऑस्ट्रेलियन ग्रास लगाई जाएगी ताकि पूरा क्षेत्र साल भर हरा-भरा नजर आए, वहीं पैदल चलने के रास्तों के निर्माण में आकर्षक लाल ग्रेनाइट पत्थर का इस्तेमाल होगा। “शहर के प्रमुख चौराहों के समग्र एवं आधुनिक विकास का कार्य शुरू कर दिया गया है। काली की बगीची, शीशम तिराहा, रेडक्रॉस चौराहा, ट्रैफिक चौराहा तथा सर्किट हाउस चौराहा के विकास हेतु कुल 44.88 करोड़ की लागत से कार्यादेश जारी किया गया है।” -कनिष्क कटारिया, आयुक्त, बीडीए, भरतपुर