भास्कर न्यूज| जैसलमेर जैसलमेर में अक्षय तृतीया और पीपल पूर्णिमा पर होने वाले संभावित बाल विवाहों को रोकने के लिए प्रशासन ने पूरी तरह सख्त और व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। एडीएम परसाराम सैनी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस बार ग्राउंड लेवल पर तैनात पटवारी से लेकर पुलिस अधिकारियों तक की जवाबदेही तय होगी। यदि कहीं भी नियमों की अनदेखी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने बाल विवाह रोकने के लिए पूरे सपोर्ट सिस्टम को निगरानी के दायरे में लिया है। एडीएम परसाराम सैनी ने निर्देश दिए हैं कि जिस क्षेत्र में बाल विवाह का मामला सामने आएगा, वहां के उपखंड अधिकारी और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। एडीएम ने सभी उपखंड अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, तहसीलदारों को निर्देशित किया। वे क्षेत्र में अक्षय तृतीया एवं पीपल पूर्णिमा पर होने वाले संभावित बाल विवाहों की रोकथाम के लिए बेहतर ढंग से पुख्ता इंतजाम करना सुनिश्चित करें। बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक हिम्मतसिंह कविया ने बताया कि जिले में बाल विवाह रोकने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। जिला और ब्लॉक स्तर पर चौबीस घंटे सक्रिय रहने वाले नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस नियंत्रण कक्ष 100, जैसलमेर स्थानीय नियंत्रण कक्ष 02992-294450 तथा राज्य हेल्पलाइन 181 पर सूचना दी जा सकती है। एडीएम ने आमजन से अपील की है कि बाल विवाह की सूचना मिले तो तुरंत बताए।