जिस किराए के घर में बसने के लिए जोधपुर से बाड़मेर तक का सफर तय किया जा रहा था, उस घर की चौखट नसीब होने से पहले ही काल ने पूरे परिवार को लील लिया। नेशनल हाईवे-68 पर हरसाणी फांटा के पास मंगलवार को जो मंजर दिखा, उसने पत्थर दिल इंसान को भी रुला दिया। हंसते-खेलते परिवार में पति-पत्नी, बेटे की दर्दनाक मौत हो गई। एक अन्य सहकर्मी की भी मौत हो गई। जोधपुर के भोपालगढ़ निवासी बाबूलाल चौधरी सुजलोन कंपनी में अधिकारी के पद पर कार्यरत थे और उनका तबादला बालेसर से बाड़मेर हुआ था। वे जोधपुर से अपना घर शिफ्ट करने के लिए बाड़मेर आ रहे थे। उनके पीछे एक दूसरी कैंपर गाड़ी में घर का सारा सामान लदा हुआ था। रास्ते में उन्होंने शिव से अपने सहकर्मी उत्तर प्रदेश निवासी वीरेंद्र को भी मदद और घर शिफ्टिंग के लिए साथ बैठा लिया था। किसी को अंदाजा नहीं था कि बाड़मेर पहुंचने से चंद किमी पहले ही मौत उनका इंतजार कर रही है। बाबूलाल चौधरी के निधन की खबर जैसे ही सुजलोन कंपनी के सहकर्मियों और उनके पैतृक गांव झालामलिया (भोपालगढ़) पहुंची, वहां सन्नाटा पसर गया। एक साथ एक ही परिवार से तीन अर्थियां उठने की खबर ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। ओवरटेक करते कार का टायर फटा, सामने आ रही कैंपर से भिड़ी प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हरसाणी फांटा के पास बाबूलाल चौधरी ने अपनी कार से आगे चल रहे वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश की। इसी दौरान अचानक कार का टायर फट गया और गाड़ी अनियंत्रित होकर दूसरी दिशा में चली गई। सामने से हार्डवेयर और किराने के सामान से भरी एक कैंपर आ रही थी, जिससे कार की भीषण भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और बाबूलाल पुत्र दयाराम चौधरी, उनकी पत्नी बेबी, बेटा विवान निवासी भोपालगढ़ और दोस्त वीरेंद्र निवासी यूपी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं कैंपर सवार किशनलाल निवासी फतेहगढ़ भी घायल हो गया। नीले गगन के तले... गाने के साथ परिवार की आखिरी रील नीले गगन के तले, धरती का प्यार पले... गीत के साथ बेबी चौधरी ने अपने मोबाइल पर रील बनाई होगी, तो उन्होंने ख्वाब में भी नहीं सोचा होगा कि यह उनका और उनके परिवार का अंतिम वीडियो साबित होगा। बाबूलाल शिव में सुजलोन कंपनी में नौकरी करता है। इसी वजह से अब परिवार के साथ बाड़मेर किराए के मकान में शिफ्ट के लिए गांव से आ रहा था। सफर के दौरान पत्नी बेबी ने मोबाइल में एक रील रिकॉर्ड की, जिसमें सुहाना मौसम और नए घर पहुंचने की उमंग साफ झलक रही थी। बैकग्राउंड में बज रहा गाना नीले गगन के तले... मानों उनकी जिंदगी की नई शुरुआत का जश्न मना रहा था। लेकिन नियति का मजाक ऐसा कि चंद मिनटों बाद कार का टायर फटा और उसी नीले गगन के नीचे इस हंसते-खेलते परिवार की सांसें थम गईं।