भास्कर न्यूज | बाड़मेर अणुव्रत समिति बाड़मेर के तत्वावधान में अणुव्रत प्रवर्तक आचार्य तुलसी के 30वें महाप्रयाण दिवस पर स्थानीय तेरापंथ भवन में गुणानुवाद सभा का आयोजन किया गया। सोशल मीडिया प्रभारी मुकेश बोथरा और वरिष्ठ उपाध्यक्ष बाबूलाल बोथरा ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाचरण से हुई। इसके बाद कलावती गोलेछा और ज्योति जैन ने अणुव्रत गीत 'संयमतय जीवन हो' की सुंदर प्रस्तुति दी। समिति अध्यक्ष पवन संखलेचा नमन ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में मुक्तक प्रस्तुत करते हुए कहा कि आचार्य श्री का निज पर शासन फिर अनुशासन का नारा आज भी हर हृदय में गूंजता है। अणुव्रत आंदोलन ने भटके हुए समाज को सही राह दिखाने का काम किया है। अणुव्रत लेखक मंच के संयोजक डॉ. गोवर्धन सिंह जहरीला ने कहा कि आचार्य तुलसी ने दुनिया को मात्र 35 वर्ष की आयु में मानव धर्म को सशक्त बनाने का संदेश दिया था और अणुव्रत के 11 नियम दिए। उनका संपूर्ण व्यक्तित्व मानव कल्याण के लिए समर्पित था। कवि ओम अंकुर ने कहा कि वसुधैव कुटुंबकम की भावना से आचार्य तुलसी ने संपूर्ण विश्व का मार्ग प्रकाशित किया। मंत्री रूपेश मालू ने काव्य पाठ कर उनके गुणों का बखान किया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न संगठनों व कवियों ने प्रस्तुतियां दी। रमा गोलेछा, सरला वडेरा, तुलसी बाई व निर्मला गोलेछा ने गीत सुनाया। ज्योति सिंघवी ने तूफान भयंकर आये पर गीत पेश किया। गौतम बोथरा ने तुलसी नाम बड़ों गुणकारी गुण गाती दुनिया सारी गीत से मानवीय कार्यों की सराहना की। इसी प्रकार मेघराज मेघ,पिंकी जैन ने प्रस्तुति दी।