ब्यावर |साधुमार्गी जैन संघ, ब्यावर के तत्वावधान में बरेली स्थित नोहरा स्थानक में “जीवन में सफल कैसे बनें” विषय पर युवा शिविर आयोजित किया गया। शिविर श्रुत प्रभजी म.सा. के सान्निध्य में हुआ। इसमें ब्यावर और आसपास के क्षेत्रों से 12 से 50 वर्ष आयु वर्ग के करीब 150 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। श्रुत प्रभजी ने कहा कि आज के युवा भौतिक उपलब्धियों को ही सफलता मान लेते हैं। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता और नैतिक मूल्यों के बिना उपलब्धियां अर्थहीन हो जाती हैं। उनके अनुसार जीवन को सार्थक बनाने के लिए ज्ञान के साथ अध्यात्म जरूरी है। उन्होंने उदाहरणों के जरिए अनुशासन, मूल्य-आधारित निर्णय और आत्मचिंतन पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान रतलाम में कीर्तियशा जी महाराज के 63 दिवसीय संथारे की अनुमोदना की गई। उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से 11 “लोगस्स” का ध्यान किया। शिविर का संयोजन वीना नाहर ने किया। आयोजकों के अनुसार प्रतिभागियों ने प्रबंधन से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं को भी समझा और पूरे समय अनुशासन बनाए रखा। कार्यक्रम के संचालन और व्यवस्थाओं में गौतम श्रीश्रीमाल, पदम सांड, अंकुश बोहरा और मयंक खींचा सहित टीम ने सहयोग किया। समापन पर वीना नाहर ने कहा कि ऐसे शिविर युवाओं को सही दिशा देने में मदद करते हैं।