राजस्थान के शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति को दोहराते सरकार ने समसा के अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक अनित कुमार शर्मा को तत्काल प्रभाव से पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा में रखा है। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, शर्मा का मुख्यालय अब बीकानेर स्थित माध्यमिक शिक्षा निदेशालय रहेगा। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा दो महीने पहले किए गए उस बड़े खुलासे का परिणाम मानी जा रही है, जिसमें स्कूल निर्माण कार्यों की सुरक्षा राशि जारी करने के बदले कमीशन का खेल चल रहा था। इस पूरे प्रकरण में शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि "भ्रष्टाचार को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस मामले में संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एडीपीसी अनित कुमार शर्मा के खिलाफ हुआ यह आदेश सचिव की उसी कड़ी कार्रवाई का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि विभाग की ओर स्पष्ट नहीं किया गया है कि किस मामले को लेकर एपीओ की कार्रवाई की गई। दो माह पूर्व एसीबी ने डीग जिले के कुम्हेर ब्लॉक में कार्यरत दो कनिष्ठ अभियंताओं राकेश कुमार और धीरेंद्र श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया था। इन पर एक ठेकेदार की 3.25 लाख रुपए की सुरक्षा राशि लौटाने के बदले 7.1 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप था। सत्यापन के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार किया था कि यह रिश्वत की राशि केवल उन तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह एडीपीसी अनित कुमार शर्मा, लेखाधिकारी भारत कुमार और कैशियर पुष्कर के नाम पर भी वसूली जा रही थी। एसीबी की कार्रवाई के समय ठेकेदार पर दबाव बनाने के लिए सरकारी पत्रावलियां और माप पुस्तिका नियमों के विरुद्ध जेईएन के घर पर रखी गई थीं।