ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रही महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। ब्रेस्ट कैंसर की समय पर पहचान और उपचार के लिए जयपुरिया अस्पताल में जल्द डिजिटल मेमोग्राफी मशीन स्थापित की जाएगी। आरयूएचएस कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज से जुड़े अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में सांसद कोटे से करीब 30 लाख रुपए की लागत से यह मशीन खरीदी जा रही है। इसके शुरू होने के बाद मरीजों की करीब 10 मिनट में ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग हो सकेगी। जयपुर में एसएमएस अस्पताल, स्टेट कैंसर संस्थान प्रताप नगर के बाद जयपुरिया अस्पताल में तीसरी आधुनिक मशीन लगेगी। भास्कर एक्सपर्ट डॉ.संदीप जसूजा, अधीक्षक, स्टेट कैंसर संस्थान जयपुर आधुनिक तकनीक से होगी अर्ली डिटेक्शन डिजिटल मेमोग्राफी मशीन से 3-डी ब्रेस्ट टोमोसिंथेसिस (DBT), ड्यूल-एनर्जी कॉन्ट्रास्ट एन्हांस्ड मेमोग्राफी और स्टीरियोटैक्टिक ब्रेस्ट बायोप्सी जैसी आधुनिक जांच सुविधाएं मिलेंगी। इससे ब्रेस्ट में होने वाले सूक्ष्म परिवर्तनों की पहचान शुरुआती अवस्था में हो सकेगी, जिससे बीमारी को बढ़ने से पहले नियंत्रित करना आसान होगा। 12% से अधिक अल्कोहल वाली दवाएं अब बिना पर्चे नहीं मिलेंगी दवाओं के दुरुपयोग और अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए केन्द्र सरकार ने 12% से अधिक अल्कोहल वाली ओरल दवाओं को ड्रग्स रूल्स-1945 में संशोधन कर शेड्यूल H1 श्रेणी में शामिल कर दिया है। अब ऐसी दवाएं डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बिना मेडिकल स्टोर से नहीं मिलेंगी। फार्मा विशेषज्ञ वी.एन. वर्मा के अनुसार इस निर्णय से दवाओं के गलत इस्तेमाल पर रोक लगेगी और मरीजों को सुरक्षित तरीके से दवा उपलब्ध हो सकेगी। संशोधित नियम लागू होने के बाद मेडिकल स्टोर संचालकों के लिए शेड्यूल H1 दवाओं की बिक्री का रिकॉर्ड रखना भी अनिवार्य होगा। मशीन अगले दो माह में स्थापित होने की संभावना है। इसके बाद मरीजों को निशुल्क जांच सुविधा मिलेगी। डिजिटल तकनीक से ब्रेस्ट में होने वाले सूक्ष्म बदलावों और शुरुआती गांठों की भी सटीक पहचान की जा सकेगी, जिससे समय रहते इलाज शुरू करना आसान होगा।- डॉ.जीवराज सिंह, अधीक्षक, जयपुरिया अस्पताल