दहेज में 1 करोड़ रुपए और SUV मांगने के आरोपी IRS अफसर की मां को भी कोर्ट ने सह-आरोपी माना है। कोर्ट में पीड़ित पत्नी ने आरोप लगाया था कि पति ने अपने रसूख की मदद से अपनी मां का नाम जांच से हटवा दिया था। जबकि पुलिस ने शुरुआत में सास को भी आरोपी माना था। अब कोर्ट के आदेश पर अहमदाबाद में आयकर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर चिराग झिरवाल की मां कविता पर भी दहेज प्रताड़ना का मुकदमा चलेगा। जयपुर की रहने वाले वाली पूर्वा और चिराग की शादी करीब चार साल पहले हुई थी। पूर्वा के अनुसार शादी के दिन से ही उन्हें परेशान किया जा रहा था। पूर्वा ने कहा है कि मैं हर महिला से कहना चाहती हूं- अपनी आवाज उठाओ, चाहे सामने वाला पक्ष कितना भी ताकतवर क्यों न हो। पढ़िए- इस चर्चित मामले की पूरी कहानी… अहमदाबाद में आयकर विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर तैनात चिराग झिरवाल ने दिसंबर 2022 में जयपुर की रहने वाली पूर्वा बागड़ी से शादी की थी। दैनिक भास्कर से बात करते हुए पूर्वा ने बताया- चिराग और उनके परिवार ने सगाई के समय से ही दहेज की मांग शुरू कर दी थी। इनमें 1 करोड़ रुपए नकद और एक लग्जरी गाड़ी (टॉयोटा फॉर्च्युनर या वॉल्वो एसयूवी) शामिल थी। साथ ही चिराग के परिवार ने सगाई की रस्म रामबाग पैलेस जैसी आलीशान जगह में करने का दबाव डाला। हमारी आर्थिक हालत साधारण थी, लेकिन सामाजिक दबाव के चलते मेरे परिवार ने पैसे उधार लिए। हमने सगाई के दौरान 5 लाख रुपए नकद, एक हीरे की अंगूठी और महंगे तोहफे दिए। इसके बावजूद चिराग के माता-पिता संतुष्ट नहीं हुए और शादी से पहले दहेज की मांग और बढ़ा दी। शादी की रात दी धमकियां पूर्वा और चिराग की शादी जयपुर में अजमेर रोड पर स्थित एक आलीशान रिसॉर्ट में हुई। पूर्वा और उनके परिवार का दावा है कि उन्होंने चिराग और उनके परिवार को 7 लाख रुपए और नकद दिए। शादी की रात चिराग के परिवार ने धमकी दी कि अगर आगे और दहेज देने का आश्वासन नहीं दिया गया तो वे विदाई की रस्म रोक देंगे। मजबूरन परिवार ने यह आश्वासन भी दिया। मारपीट और लगातार उत्पीड़न के आरोप शादी के बाद पूर्वा चिराग के साथ अहमदाबाद चली गईं, लेकिन वहां भी मानसिक और भावनात्मक उत्पीड़न जारी रहा। नाराजगी भरे शब्दों में पूर्वा कहती हैं- जब मैंने दहेज की मांग का विरोध किया तो चिराग ने मेरे साथ मारपीट की। जब पूर्वा अपने साथ लगातार हो रहे इस दुर्व्यवहार को नहीं सह पाईं तो जयपुर में अपने माता-पिता के घर लौट आईं। साल 2024 में उन्होंने चित्रकूट पुलिस स्टेशन में दहेज उत्पीड़न और मारपीट की धाराओं के तहत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उनकी शिकायत के बाद पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया और उनके परिवार के बयान दर्ज किए। आरोपियों को पूछताछ के लिए नोटिस भी जारी किए गए। पूर्वा के वकील चंद्रशेखर ने बताया कि यह मामला स्पेशल जज (सांप्रदायिक दंगे), जयपुर मेट्रोपॉलिटन II की अदालत में IPC की धारा 498-A (पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता) और 406 (विश्वासघात) के तहत पेश किया गया था। पति पर रसूख से मां का नाम हटवाने के आरोप पूर्वा के मुताबिक वह शुरुआत से ही पुलिस जांच में निष्पक्षता को लेकर चिंता जाहिर करती रही हैं। अदालत में दिए अपने बयान में भी पूर्वा ने आरोप लगाया था कि शुरुआत में पुलिस ने चिराग के साथ उसकी मां को भी इस मामले में आरोपी माना था। लेकिन बाद में उनके पति ने अपने प्रभाव से उस मामले की फाइल को डीजीपी के समक्ष मंगवा दिया। जहां से ये जांच पहले डीसीपी और फिर एडीसीपी के पास गई। वहां उनकी सास कविता का नाम जांच से हटा लिया गया। लेकिन अब अदालत ने प्रसंज्ञान लेते हुए सास को भी इस अपराध में आरोपी माना है। ऐसे चला यह मामला पूर्वा आरोप लगाती हैं कि डीजीपी ऑफिस से समीक्षा करने के नाम पर यह जांच डीसीपी जयपुर पश्चिम के समक्ष भिजवाई गई। यहां से यह जांच एडीसीपी सुलेश चौधरी को मिली। वे कहती हैं- सुलेश चौधरी ने फिर से पीड़ित और सभी गवाहों के बयान लिए। लेकिन ये बयान मुझे पढ़ाए नहीं गए। यहां एसीपी सोलंकी के जांच निष्कर्ष को बदलते हुए सास कमला उर्फ कविता पर लगाए गए आरोपों को प्रमाणित नहीं माना गया। केवल चिराग झिरवाल को ही दोषी माना गया। अब अदालत ने पूर्वा के आरोपों को सही और सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर एडीसीपी चौधरी की जांच को गलत माना है। सास कविता के खिलाफ दंडनीय अपराध का प्रसंज्ञान लिया। कविता को 8 जुलाई 2026 को अदालत में पेश होने का आदेश दिया। कोर्ट ने लिखा- अनुसंधान अधिकारी ने आंखें मूंदकर की जांच कोर्ट ने अपने आदेश में जांच अधिकारी पर भी सवाल उठाए हैं। आदेश में लिखा गया है- लेकिन हमें ये नहीं देखना कि किसी अधिकारी की जांच में क्या दोष था या क्या नहीं। हालांकि, मामले में जांच अधिकारी सुलेश चौधरी का कहना है- मौजूद साक्ष्यों के आधार पर अनुसंधान पूरा किया गया। जांच में किसी भी तरीके का पक्षपात नहीं किया गया था। पिछले साल चिराग को मिली थी जमानत IRS अधिकारी चिराग झिरवाल को पिछले साल जून में अदालत ने 40,000 रुपए के निजी मुचलके पर जमानत दी थी। साथ ही यह शर्त रखी थी कि वे जांच में सहयोग करेंगे और शिकायतकर्ता से संपर्क नहीं करेंगे। …. इसी केस से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… इनकम टैक्स कमिश्नर ने दहेज में मांगे एक करोड़-फॉर्च्यूनर:पत्नी ने जयपुर में दर्ज कराया केस; उधार लेकर रामबाग पैलेस में की थी सगाई इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के असिस्टेंट कमिश्नर के खिलाफ उनकी पत्नी ने जयपुर में दहेज प्रताड़ना और मारपीट का केस दर्ज कराया है। महिला का आरोप है कि असिस्टेंट कमिश्नर के परिवार ने उन पर एक करोड़ रुपए दहेज देने का दबाव बनाया था। पूरी खबर पढ़िए…