अजमेर शहर की ऐतिहासिक आना सागर झील में पानी का स्तर अचानक घटने के बाद हजारों मछलियों की मौत का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ने लगा है। गुरुवार को शहर कांग्रेस ने चौपाटी पर विरोध-प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। झील के किनारे फैली बदबू के बीच कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मुंह पर मास्क लगाकर प्रदर्शन किया और इसे प्रशासन की लापरवाही का परिणाम बताया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि मानसून की संभावनाओं को देखते हुए प्रशासन ने झील से भारी मात्रा में पानी निकाल दिया, जिससे जलस्तर तेजी से गिर गया और हजारों मछलियां तड़प-तड़प कर मर गईं। मरी हुई मछलियों के सड़ने से पूरे आना सागर और चौपाटी क्षेत्र में असहनीय बदबू फैल गई है। इसका असर पर्यटन पर भी दिखाई देने लगा है। चौपाटी पर आने वाले पर्यटकों की संख्या कम हुई है और आसपास के छोटे व्यापारियों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। समाधान नहीं होने पर करेंगे आंदोलन धरने का नेतृत्व कर रहे शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने से लगातार राज्य सरकार, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और जिला प्रशासन को आना सागर की बिगड़ती स्थिति से अवगत कराया जा रहा था, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसके उलट झील का पानी तेजी से खाली कर दिया गया। उन्होंने कहा कि झील के आसपास इतनी दुर्गंध है कि कोई व्यक्ति पांच मिनट भी खड़ा नहीं रह सकता। एक चिकित्सक होने के नाते उन्होंने दावा किया कि यदि जल्द सफाई और उचित प्रबंधन नहीं हुआ तो महामारी फैलने का खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने मांग की कि पानी निकालने के निर्णय के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। चेतावनी दी कि यदि जल्द हालात नहीं सुधरे तो कांग्रेस उग्र जन आंदोलन और भूख हड़ताल करेगी। मछलियों को मारने जैसा प्रशासनिक फैसला वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. गोपाल बाहेती ने कहा कि आना सागर अजमेर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान है, लेकिन प्रशासन ने इसकी दुर्दशा कर दी। उनका आरोप है कि जिस गति से झील का पानी कम किया गया, उससे हजारों मछलियों की मौत हुई, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि झील के आसपास गंदगी और कचरे का अंबार लगा है, जबकि प्रशासन जलस्तर और घटाने में लगा है। बरसात कब और कितनी होगी, इसका कोई भरोसा नहीं है, ऐसे में मछलियों को इस हालत में छोड़ देना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने और उनसे ही नुकसान की भरपाई करवाने की मांग की। जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन होगा तेज प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आना सागर की तत्काल सफाई, मृत मछलियों के शीघ्र निस्तारण और झील के संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को पूरे शहर में व्यापक रूप दिया जाएगा।