स्वायत शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा- आने वाले समय में राजस्था को लेकर कई शुभ सूचना प्राप्त होगी। आनासागर में नालों के पानी को रोकने के लिए नए नालों का निर्माण किया जा रहा। जल्द आनासागर नए स्वरूप में दिखाई देगा। मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा- अजमेर का जो विकास हुआ उसकी वजह से प्राकृतिक जल प्रवाह के मार्ग अवरुद्ध हुए। जिसके कारण जल भराव की समस्या उत्पन्न हुई। अजमेर की जनता को जल्द जल भराव से भी निजात मिलेगा। मंत्री झाब सिंह खर्रा जयपुर से जोधपुर जाते समय अजमेर में रुके थे। यहां सर्किट हाउस में शहर भाजपा की ओर से स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल को देंगे कई सौगात मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा- 21 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से रिफाइनरी का शुभारंभ किया जाएगा।साथ ही कई सौगात भी प्रधानमंत्री की ओर से राजस्थान को दी जाएगी। आने वाले समय में राजस्था को लेकर भी कई शुभ सूचना प्राप्त होगी। खर्रा ने कहा- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राजस्थान के विकास के लिए जिस मेहनत के साथ काम कर रहे उसका प्रभाव पूरा राजस्थान में विकास के कामों की जगह दिखाई दे रहा है। आने वाले समय में और तेजी से विकास कार्यों का निर्माण पूरा होकर विकास शहरी प्रदेश से विकसित प्रदेश की और प्रेरित होता देखेंगे। इससे राजस्थान की आर्थिक गतिविधि और प्रगति होगी। अजमेर की जनता को जल्द जल भराव से मिलेगी निजात खर्रा ने कहा- आनासागर में नालों का पानी रोकने को लेकर नालो का निर्माण किया जा रहा है। जिसके जरिए पानी को डायवर्ट किया जाएगा। जल्दी वह कार्य भी पूरा होगा और आनासागर नए स्वरूप में दिखाई देगा। खर्रा ने कहा- जिस प्रकार से नियोजित तरीके से अजमेर का विकास हुआ उसकी वजह से प्राकृतिक जल प्रवाह के मार्ग अवरुद्ध हुए हैं। इसके कारण जल भराव की समस्या उत्पन्न हुई थी। इसके स्थाई समाधान के लिए भी प्रयास जारी है। आने वाले समय में जल्द जल भराव से अजमेर की जनता को निजात मिलेगा। निकाय चुनाव में सरकार की ओर से कोई देरी नहीं हुई खर्रा ने कहा- निकाय चुनाव में राज्य सरकार की तरफ से कोई देरी नहीं हो रही है। सर्वोच्च न्यायालय का एक निर्णय है, जब तक त्रिस्तरीय जांच के आधार पर राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या के सही और सटीक आंकड़े राज्य सरकार को प्रस्तुत नहीं करें तब तक राज्य सरकार पिछड़ा वर्ग को राजनीतिक आरक्षण नहीं दे सकती। खर्रा ने कहा कि एक दूसरी समस्या भी आ रही है। पिछले दिनों SIR का काम पूरा हो चुका है। राजस्थान उच्च न्यायालय का निर्णय था कि 15 अप्रैल तक चुनाव किए जाए। उसमें राज्य निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन नामावली जिससे हम मतदाता सूची कहते हैं, उसको निर्मित करने का कार्यक्रम घोषित किया। उस समय तक SIR के अंतिम आंकड़े नहीं आए थे। इसलिए उन्होंने पुरानी सूची के आधार पर मतदाता सूची बनाने का कार्यक्रम जारी कर दिया। अब की स्थिति यह हो गई कि SIR में जो नाम कट गए वह निकाय और पंचायत राज के नई सूची में वापस जुड़कर आए। यह भी एक कानूनी समस्या आ रही है।