"क्या आज के दौर में कोई 10 हजार रुपए में अपना घर चला सकता है? क्या इतने पैसों में बच्चों की पढ़ाई, घर का खर्च और भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है?" यह सवाल किसी राजनीतिक मंच से नहीं, बल्कि शुक्रवार दोपहर अजमेर कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन कर रही आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भीड़ से उठ रहा था। भीषण गर्मी के बिच संभाग के 6 जिलों से आईं एक हजार से अधिक महिला आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आज़ाद पार्क से कलेक्ट्रेट तक रैली निकालते हुए पहुंचीं। गुलाबी यूनिफॉर्म में सड़कों पर उतरी महिलाओं के हाथों में छतरियां थीं, लेकिन उनके चेहरों पर वर्षों से जमा नाराजगी साफ दिखाई दे रही थी। कलेक्ट्रेट के बाहर सड़क का एक हिस्सा प्रदर्शनकारियों से भर गया, जिससे कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट के सामने से गुजर रही एक एंबुलेंस जाम में फंस गई। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने तत्काल प्रदर्शनकारियों से रास्ता खाली कराया और एंबुलेंस को सुरक्षित रवाना किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने भी सहयोग किया। छलका महिलाओं का दर्द 14 सूत्रीय मांगों के साथ कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को 14 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। संघ ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रमुख मांगें