अजमेर जिला पुलिस के कॉन्स्टेबल सेठूराम को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। वह करीब 7 साल से ड्यूटी पर गैर हाजिर चल रहा था। उस पर करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी कर फरार होने का आरोप भी है। अजमेर जिला पुलिस की एमओबी में तैनात सेठूराम के खिलाफ गेगल थाने में धोखाधड़ी के प्रकरण दर्ज हैं, जिनमें कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी है। पुलिस सेवा में रहते हुए सेठूराम ने पुष्कर में रिसॉर्ट बनाकर बेचने के बाद गगवाना के पास प्रॉपर्टी व्यवसाय में निवेश किया था। इसके लिए कई लोगों से रकम उधार ली। इसके बाद साल 2019 में छुट्टी लेकर गया, लेकिन सेठूराम वापस ड्यूटी पर नहीं लौटा। फरवरी में पुलिस मुख्यालय की ओर से सिपाही से हैडकांस्टेबल के पदों पर स्क्रीनिंग पद्धति से पदोन्नति की सूची जारी की गई थी। इस सूची में फरार सेठूराम को भी शामिल कर लिया गया था। हालांकि प्रशिक्षण में गैरहाजिर रहने से उसे पदोन्नति नहीं दी जा सकी थी। ……… पढें ये खबर भी…. 2-भाइयों की गिरफ्तारी के बावजूद कॉन्स्टेबल का कोई सुराग नहीं:100 से ज्यादा पुलिसवालों से ठगी का मास्टरमाइंड;रिश्तेदारों-परिचितों से भी नहीं कर रहा कॉन्टेक्ट अजमेर पुलिस को करोड़ों की धोखाधड़ी के मामले में वांछित पुलिस कॉन्स्टेबल पवन मीणा की अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। हालांकि पुलिस ने इस मामले में उसके दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है। पूरी खबर पढें