अजमेर की एससी-एसटी कोर्ट ने डकैत धन सिंह को आर्म्स एक्ट की धारा में 3 साल की सजा सुनाई और 10 हजार का जुर्माना लगाया। डकैत धन सिंह ने करीब 10 साल पहले सरवाड़ टोल पर फायरिंग की थी। वहीं टोल कर्मियों को मुर्गा बना दिया था। मामले में जज अक्षी कंसल ने यह फैसला सोमवार को सुनाया। वहीं, कुछ धाराओं में धनसिंह और अन्य दो आरोपियों को बरी किया है। एक आरोपी फरार चल रहा है। मामले की जानकारी एडवोकेट गुरप्रीत सिंह सोढ़ी की ओर से दी गई। एडवोकेट गुरप्रीत सिंह सोढ़ी ने बताया- 25 मार्च 2016 को सरवाड़ टोल पर एक कार रुकी थी। इसमें डकैत धन सिंह, आरोपी विजेंद्र, जितेंद्र और हितेश मौजूद थे। इस दौरान डकैत धन सिंह के पास रिवाल्वर थी। टोल पर फायरिंग हुई और टोल कर्मियों को मुर्गा बनाकर मारपीट की गई थी। मामले में टोलकर्मी अंकुर ने मुकदमा दर्ज करवाया था। इसमें पुलिस ने एससी-एसटी, आर्म्स एक्ट, जानलेवा हमले सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। करीब 3 महीने बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। 20 गवाह और 40 दस्तावेज किए पेश एडवोकेट गुरप्रीत सिंह सोढ़ी ने बताया- अजमेर की एससी-एसटी कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में 20 गवाह और 40 दस्तावेज पेश किए गए थे। हालांकि कोर्ट ने जानलेवा हमला, एससी-एसटी और अन्य धाराओं में धन सिंह सहित आरोपी जितेंद्र और विजेंद्र को बरी कर दिया। वहीं डकैत धन सिंह के पास रिवॉल्वर और कारतूस बरामद हुए थे। इस पर न्यायालय ने आर्म्स एक्ट की धारा में डकैती धन सिंह को 3 साल की सजा सुनाई। 10 हजार का जुर्माना भी लगाया। वहीं ट्रायल के दौरान एक आरोपी हितेश फरार चल रहा है। जिसे कोर्ट ने फरार घोषित किया है।