अजमेर में CRPF जवान को बंधक बनाकर लूटने के मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपियों ने बताया कि वो गे (समलैंगिक) डेटिंग एप के जरिए लोगों को जाल में फंसाते थे। फिर सुनसान जगह बुलाकर धमकाते थे। पीड़ित के कपड़े उतारकर मोबाइल की टॉर्च ऑन कर वीडियो रिकॉर्ड करने का नाटक करते। रुपए ट्रांसफर करने के लिए धमकाते थे। कृष्णगंज थाना पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि कई पीड़ित कारोबारी हैं, लेकिन सामाजिक छवि खराब होने के डर से सभी ने शिकायत नहीं की। गिरोह का नेटवर्क अजमेर से जयपुर तक जुड़ा था। आरोपी लग्जरी लाइफ जीने, ब्रांडेड कपड़े व अन्य सामान खरीदने और ऑनलाइन गेम खेलने के लिए वारदात करते थे। सबसे खास बात है कि पुलिस खुद इस एप पर प्रोफाइल बनाकर बदमाशों तक पहुंची थी। बता दें कि आरोपियों ने 25 सितंबर की रात को जवान को मदद के बहाने जनाना अस्पताल बुलाया था। सफेद स्विफ्ट कार में बैठाकर उसके साथ मारपीट की थी। एप पर दोस्ती से शुरू होता था खेल पुलिस जांच में सामने आया कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड जयराम चौधरी (19) पहले जयपुर में रोहित नाम के युवक के संपर्क में आया था। रोहित ने जयराम को गे डेटिंग ऐप के बारे में बताया और मोबाइल में डाउनलोड करवाया। इसके बाद जयराम एप के जरिए लोगों से बातचीत करने लगा। अगस्त 2026 में एक युवक से चैटिंग के बाद जयराम मिलने पहुंचा। जयराम के परिचित भी आ गए और युवक को लूट लिया। फिर जयराम और उसके साथियों ने लूटी गई रकम से शॉपिंग व पार्टी की। पुलिस के मुताबिक, जयपुर में जयराम के कुछ साथियों के पकड़े जाने के बाद वह अजमेर आ गया। अजमेर में नए युवकों से संपर्क बढ़ाया। अलग टीम तैयार की। सितंबर में जयराम की राहुल उर्फ रॉकी यादव (19) से मुलाकात हुई। राहुल के जरिए राकेश गोदारा (23) और दयाराम ढाका भी जयराम से जुड़े। चाय की थड़ी पर बनाई योजना अजमेर में एक चाय की थड़ी पर बैठकर जयराम, राहुल, राकेश और दयाराम ने वारदात की योजना बनाई। एप पर बातचीत के जरिए ऐसे व्यक्ति को मिलने के लिए तैयार करने की रणनीति अपनाई, जिसे बाद में सुनसान जगह ले जाकर धमका सकें। जयराम ने एप पर एक व्यक्ति से कॉन्टैक्ट किया। उसे पता नहीं था कि वह CRPF का जवान है। दोनों काफी वक्त तक बातचीत करते रहे। मदद का मैसेज भेजा, जनाना अस्पताल बुलाया पीड़ित CRPF जवान ने रिपोर्ट में बताया था कि 25 सितंबर की रात करीब 10 बजे मेरे मोबाइल पर मदद की जरूरत बताते हुए मैसेज आया था। आरोपी जयराम ने जनाना अस्पताल बुलाया। सफेद रंग की कार में मिले आरोपी युवक ने मरीज होने की बात कहकर कार में बैठा लिया। इसके बाद तीन अन्य युवक भी कार में बैठ गए। पीड़ित के अनुसार, आरोपी सुनसान जगह ले गए और मारपीट की। इसके बाद कपड़े उतरवाकर अश्लील वीडियो बनाने का डर दिखाया। आरोपियों ने दिखाया कि वे वीडियो रिकॉर्ड कर रहे हैं। वीडियो परिवार को भेजने और सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर डराया गया। इसके बाद उसके खाते से रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए गए थे। 2 घंटे कब्जे में रखा पुलिस के अनुसार, वारदात के दौरान आरोपियों ने जवान को करीब दो घंटे तक कब्जे में रखा और फिर छोड़ दिया। पीड़ित की रिपोर्ट में करीब 89 हजार रुपए ट्रांसफर करवाने का उल्लेख है। वीडियो बनाते नहीं थे, टॉर्च जलाकर डराते थे पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पीड़ित के कपड़े उतरवाकर मोबाइल की टॉर्च जलाकर वीडियो बनाने का दिखावा करते थे। इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर रुपए वसूलते थे। बदनामी के डर से पीड़ित पुलिस तक नहीं पहुंचता था। आरोपी इसी डर का फायदा उठाते थे। वारदात के बाद आरोपी अपने और पीड़ित के मोबाइल से डेटिंग एप डिलीट कर देते थे। बातचीत और डेटा डिलीट कर देते थे, ताकि पुलिस को रिकॉर्ड नहीं मिले। इस तरीके से डिजिटल सबूत मिटाकर बच निकलने की कोशिश की जाती थी। पुलिस ने एप पर बनाया प्रोफाइल आरोपियों के एप और चैट का डेटा डिलीट करने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने जांच में तकनीकी सबूतों के साथ अलग रणनीति पर काम किया। कृष्णगंज थाना प्रभारी अरविंद चारण के नेतृत्व में टीम बनाई गई। टीम ने अलग-अलग तरीकों से एप का इस्तेमाल करते हुए प्रोफाइल बनाकर संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश की। एप पर संपर्क और बातचीत की कड़ियां जोड़ने के बाद टीम संबंधित क्षेत्र में पहुंची। आरोपियों तक पहुंचने के लिए जाल बिछाया। पुलिस ने तकनीकी सबूतों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से जांच आगे बढ़ाई। 28 सितंबर को चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। 2 आरोपी बीएससी के स्टूडेंट पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में जयराम मास्टरमाइंड है। राहुल और दयाराम बीएससी के स्टूडेंट हैं। राकेश 12वीं पास है। चारों के पिता खेती करते हैं। आरोपी लूटी गई रकम से शॉपिंग और पार्टी करने के साथ एविएटर गेम में भी पैसे लगाते थे। इसमें कभी फायदा होता तो कभी नुकसान। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि अलग-अलग वारदातों से हासिल रकम का इस्तेमाल किस तरह किया गया। कैश नहीं मिलता तो मोबाइल से ट्रांसफर करवाते थे रुपए आरोपियों का तरीका केवल नकदी या ATM कार्ड लूटने तक सीमित नहीं था। यदि पीड़ित के पास कैश नहीं होता तो उसके मोबाइल से ऑनलाइन रुपए ट्रांसफर करवाए जाते थे। जांच में एविएटर गेम के जरिए रकम लगाने की बात भी सामने आई है। ताकि सीधे नकदी लेने के बजाय डिजिटल माध्यम से रकम हासिल की जा सके। बदनामी के डर से सामने नहीं आए कई पीड़ित पुलिस इन्वेस्टिगेशन में सामने आया कि अजमेर से जयपुर तक इस तरह की वारदातों में कई अन्य लोग भी निशाना बने हो सकते हैं। इनमें कारोबारी और दूसरे पेशों से जुड़े लोग होने की आशंका है। पीड़ित को केवल रुपए गंवाने का डर नहीं होता, बल्कि निजी बातचीत या कथित अश्लील वीडियो सार्वजनिक होने की आशंका भी रहती है। इसी वजह से कुछ लोग शिकायत करने से बच सकते हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ में अन्य वारदातों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के बाद स्पष्ट होगा कि गिरोह ने कुल कितने लोगों को निशाना बनाया और कितने मामलों में शिकायत दर्ज नहीं हुई। जयपुर के मामलों में भी पूछताछ अजमेर एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने 29 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले की जानकारी दी थी। बाद में आरोपियों को जेल भेजा गया और शिनाख्त परेड करवाई गई। पुलिस के अनुसार, जयराम और राहुल के खिलाफ जयपुर के करधनी थाने में भी मामले दर्ज हैं। जयपुर पुलिस ने दोनों को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की है। अब जांच का फोकस यह पता लगाने पर है कि डेटिंग ऐप के जरिए कितनी वारदातें की गईं। कौन-कौन लोग इसमें शामिल रहे। बदनामी के डर से शिकायत नहीं करने वाले संभावित पीड़ितों तक कैसे पहुंचा जा सकता है। थाना प्रभारी अरविंद चारण ने बताया- CRPF के जवान का अपहरण कर लूट के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। आरोपी डेटिंग ऐप के जरिए लोगों से दोस्ती करते थे और फिर उन्हें मिलने के बहाने बुलाकर वारदात को अंजाम देते थे। आरोपियों का नेटवर्क अजमेर से जयपुर तक फैला हुआ है। … यह खबर भी पढ़ें… CRPF जवान से लूट-अपहरण मामले में 4 आरोपी गिरफ्तार:आपत्तिजनक वीडियो से ब्लैकमेल कर 89 हजार लूटे थे, 2 घंटे तक गाड़ी में घुमाया अजमेर पुलिस ने CRPF जवान से मारपीट, अपहरण और लूट के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने 25 सितंबर की रात जवान को मदद के बहाने जनाना अस्पताल बुलाया और सफेद स्विफ्ट कार में बैठाकर उसके साथ मारपीट की। (पूरी खबर पढ़ें)