झुंझुनूं में बिजली श्रमिकों का जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन मंगलवार को XEN ऑफिस (अधीक्षण अभियंता कार्यालय) में हुआ। इसमें बिजली श्रमिकों ने निजीकरण के खिलाफ आंदोलन करने की चेतावनी दी। साथ ही ठेका प्रथा बंद करने की मांग की है। अजमेर विद्युत वितरण निगम श्रमिक संघ (संबद्ध भारतीय मजदूर संघ) के तत्वावधान में हुए सम्मेलन में बड़ी संख्या में जुटे बिजली कर्मियों ने सरकार और विभाग की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी आवाज बुलंद की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष जय सिंह माठ रहे। इस अवसर पर उन्होंने कहा- भारतीय मजदूर संघ की रीति-नीति और कार्य पद्धति की प्रमाणिकता उसे सबसे बड़ा मजदूर संगठन बनाती है। श्रमिकों का संघर्ष जायज है। संगठन को मजबूत बनाएं। सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि विभाग में लगातार पैर पसार रही ठेका प्रथा स्थाई रोजगार के अवसरों को खत्म कर रही है। इससे न केवल युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है, बल्कि कार्यरत कर्मचारियों में भी असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी और सरकार जानबूझकर श्रमिकों की जायज मांगों की अनदेखी कर रहे हैं। उपखंड से प्रदेश स्तर तक प्रदर्शन मुख्य वक्ता राजस्थान विद्युत श्रमिक महासंघ के महामंत्री सतीश राठौड़ ने बताया- निजीकरण को रोकने के लिए महासंघ ने चरणबद्ध आंदोलन की योजना बनाई है। प्रथम चरण में सभी उपखंड स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा।द्वितीय चरण वृत्त (Circle) और डिस्कॉम स्तर पर शक्ति प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदेश स्तर पर बड़ा घेराव और धरना किया जाएगा। देवकरण सैनी (डिस्कॉम महामंत्री) ने कहा- डिस्कॉम स्तर की समस्याओं के समाधान के लिए जल्द ही निगम प्रशासन के साथ उच्च स्तरीय बैठक की जाएगी। नरेंद्र सिंह राठौड़ (श्रमिक नेता) ने श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए सरकारों को नींद से जगाने की आवश्यकता पर जोर दिया। सुरेश कुमार शर्मा (जिला महामंत्री) ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और उपखंडवार समस्याओं पर चर्चा कर निराकरण हेतु ज्ञापन सौंपा। कार्यक्रम की अध्यक्षता वृत्त अध्यक्ष सुभाष चेजारा ने की। संचालन बंसी लांबा ने किया। मंच पर सतीश राठौड़, देवकरण सैनी, नरेंद्र सिंह राठौड़, संदीप धाबाई, महेंद्र कुमार सैनी, वीरेंद्र सिंह तंवर और विजेंद्र पाल जैसे प्रमुख नेता मौजूद रहे। बैठक में रघुवीर सिंह, गुटु राम सैनी, मूलचंद महला, शैलेश यादव, सुनील ईशरवाल, सुनील कुमार बुगालिया सहित सैकड़ों की संख्या में श्रमिक और पदाधिकारी उपस्थित थे।